{"_id":"62bf39115e600d0d16482a55","slug":"husband-gets-eight-years-imprisonment-for-burning-his-wife-alive-baghpat-news-mrt5952520166","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी को जिंदा जलाने पर पति को आठ साल का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी को जिंदा जलाने पर पति को आठ साल का कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पत्नी को जिंदा जलाने पर पति को आठ साल का कारावास
बागपत। बरनावा में वर्ष 2015 में दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी को जलाकर मारने वाले पति को न्यायालय ने आठ साल के कारावास की सजा सुनाई। उस पर चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।
अपर शासकीय अधिवक्ता सुभाष तोमर ने बताया कि वर्ष 2015 में वादी रामपाल ने बिनौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसकी बेटी पूनम को उसके पति अनिल ने जलाकर मार डाला। जिसमें पुलिस ने अनिल के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।
इस मामले में पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय एक कृष्ण कुमार की कोर्ट में चल रही थी। जिसमें दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने महिला के पति अनिल को आठ साल कारावास की सजा सुनाई और चार हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। बरनावा में वर्ष 2015 में दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी को जलाकर मारने वाले पति को न्यायालय ने आठ साल के कारावास की सजा सुनाई। उस पर चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।
अपर शासकीय अधिवक्ता सुभाष तोमर ने बताया कि वर्ष 2015 में वादी रामपाल ने बिनौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसकी बेटी पूनम को उसके पति अनिल ने जलाकर मार डाला। जिसमें पुलिस ने अनिल के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
इस मामले में पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय एक कृष्ण कुमार की कोर्ट में चल रही थी। जिसमें दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने महिला के पति अनिल को आठ साल कारावास की सजा सुनाई और चार हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
विज्ञापन