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कैसे हो अग्निशमन, दमकल विभाग के पास स्टाफ ही नहीं
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बड़ौत में बावली रोड स्थित दमकल विभाग के दफ्तर का हाल
- फोटो : BARAUT
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दमकल विभाग हो या फिर घर और दुकान, अग्निशमन के बचावों
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। मेरठ के मवाना कस्बे में सोमवार को मोबिल ऑयल की दुकान में आग लगने से तीन लोग जिंदा जल गए। यह घटना एक बार फिर सवाल उठा रही है कि अग्निशमन के व्यापक इंतजाम नहीं थे। बागपत जिले के दमकल विभाग की ही बात करें तो यहां स्टाफ की कमी और संसाधनों का नितांत अभाव है। ऐसे में वक्त रहते सबक नहीं सीखा तो आग लगने की घटनाआें पर काबू पाना मुश्किल हो सकता है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर वाहनों में लगी आग पर काबू पाने में ही दमकल विभाग के पसीने छूटते रहे हैं। बड़ौत और खेकड़ा की तंग गलियां तो मुश्किलें खड़ी कर देंगी।
16 पद है खाली, कौन बुझाएगा आग
बड़ौत नगर के बावली रोड पर फायर स्टेशन है। इसमें एक बड़ी गाड़ी पांच हजार लीटर पानी की और छोटी गाड़ी चार सौ लीटर की है। स्टाफ में 12 सिपाही के पद खाली पड़े है। वर्तमान में 17 कर्मचारी है। जिनमें दस सिपाही, तीन हवलदार, दो ड्राइवर, एक सफाई कर्मी व एक एफएसओ है। एफएसओ दुष्यंत शर्मा ने बताया कि सिपाही के 16 पद खाली है। दो ड्राइवर, एक हवलदार व दो दरोगा की भी कमी चल रही है। कई बार मांग कर चुके हैं।
ड्राइवर का पद ही चल रहा खाली
खेकड़ा नगर में एक फायर टैंक, एक जीप व एक बुलेट है। दस सिपाही, एक हवलदार, एक ड्राइवर, एक कुक व एक एफएसओ शामिल है। यहां पर भी सात सिपाही, एक ड्राइवर व एक हवलदार की कमी है। एफएसओ मदनपाल ने स्टाफ की कमी होना बताया। यही हालात बागपत नगर के हैं।
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केस नंबर एक : दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर इसी वर्ष अप्रैल में चाट विक्रेता राजवीर की दुकान में सिलिंडर में आग लगने से भगदड़ मच गई थी। आग पास के दुकानदार फल विक्रेता मदन कश्यप व कर्म सिंह की दुकान में भी पहुंची गई थी। राजबीर आग बुझाने के दौरान झुलस गया था। तीन बाइकें भी जलकर रख हो गई थी। जब तक दमकल कर्मी पहुंचते इससे लाखों का नुकसान हुआ था।
केस नंबर दो : छह अप्रैल 2021 को नगर की नेहरू रोड स्थित इरफान की हेयर सैलून की दुकान में अचानक शार्ट सर्किट से आग लग जाने से तकरीबन डेढ़ से दो लाख का सामान जलकर राख हो गया था।
केस नंबर तीन : दो साल पहले बिजरौल रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के पास मेरठ निवासी मनोज की कार मेें आग लग गई थी।
अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर, आग बुझाने की नहीं व्यवस्था
नगर बड़ौत की खत्री गढ़ी में दो-चार को छोड़कर अन्य कोचिंग सेंटर अवैध रूप से चल रहे है। यहां नगर सहित देहात क्षेत्र के अलावा शामली, लोनी, मुजफ्फरनगर आदि जगहों से काफी छात्र कोचिंग करने आते है, लेकिन दो-चार को छोड़कर किसी के पास भी आग बुझाने के साधन नहीं है।
हाईवे पर खुलेआम पेट्रोल की अवैध ब्रिकी
कोतवाली पुलिस की नाक के नीचे छपरौली चुंगी पर कई वर्षों से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के किनारे अवैध पेट्रोल की ब्रिकी धड़ल्ले से हो रही है। स्थानीय लोग शिकायत करते है, लेकिन पुलिस आंख मूंदे बैठी है।
आग से बचाव के कुछ तरीके
- बिजली की तारों को लूज न छोड़े
- एमसीबी और एलसीबी व आईएसआई मार्का के तारों का प्रयोग करें
- बिजली के प्वाइंटों में उपकरणों को चालू कर न छोड़ें
- घर से बाहर जाते समय सभी उपकरणों, गैस लाइन को बंद करके जाएं
- गैस की पाइप को हर दो वर्षों में बदलें
- घर से बाहर जाने से पूर्व मंदिर आदि में दीपक, धूप अगरबत्ती जलाकर न जाएं
- 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले फ्लैटों में छत के दरवाजों को बंद न करें
- सीढ़ियों और आपात रास्तों को हमेशा खाली रखें
- सीढ़ियों के पास वाहनों को न खड़ा करें
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। मेरठ के मवाना कस्बे में सोमवार को मोबिल ऑयल की दुकान में आग लगने से तीन लोग जिंदा जल गए। यह घटना एक बार फिर सवाल उठा रही है कि अग्निशमन के व्यापक इंतजाम नहीं थे। बागपत जिले के दमकल विभाग की ही बात करें तो यहां स्टाफ की कमी और संसाधनों का नितांत अभाव है। ऐसे में वक्त रहते सबक नहीं सीखा तो आग लगने की घटनाआें पर काबू पाना मुश्किल हो सकता है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर वाहनों में लगी आग पर काबू पाने में ही दमकल विभाग के पसीने छूटते रहे हैं। बड़ौत और खेकड़ा की तंग गलियां तो मुश्किलें खड़ी कर देंगी।
16 पद है खाली, कौन बुझाएगा आग
बड़ौत नगर के बावली रोड पर फायर स्टेशन है। इसमें एक बड़ी गाड़ी पांच हजार लीटर पानी की और छोटी गाड़ी चार सौ लीटर की है। स्टाफ में 12 सिपाही के पद खाली पड़े है। वर्तमान में 17 कर्मचारी है। जिनमें दस सिपाही, तीन हवलदार, दो ड्राइवर, एक सफाई कर्मी व एक एफएसओ है। एफएसओ दुष्यंत शर्मा ने बताया कि सिपाही के 16 पद खाली है। दो ड्राइवर, एक हवलदार व दो दरोगा की भी कमी चल रही है। कई बार मांग कर चुके हैं।
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ड्राइवर का पद ही चल रहा खाली
खेकड़ा नगर में एक फायर टैंक, एक जीप व एक बुलेट है। दस सिपाही, एक हवलदार, एक ड्राइवर, एक कुक व एक एफएसओ शामिल है। यहां पर भी सात सिपाही, एक ड्राइवर व एक हवलदार की कमी है। एफएसओ मदनपाल ने स्टाफ की कमी होना बताया। यही हालात बागपत नगर के हैं।
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केस नंबर एक : दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर इसी वर्ष अप्रैल में चाट विक्रेता राजवीर की दुकान में सिलिंडर में आग लगने से भगदड़ मच गई थी। आग पास के दुकानदार फल विक्रेता मदन कश्यप व कर्म सिंह की दुकान में भी पहुंची गई थी। राजबीर आग बुझाने के दौरान झुलस गया था। तीन बाइकें भी जलकर रख हो गई थी। जब तक दमकल कर्मी पहुंचते इससे लाखों का नुकसान हुआ था।
केस नंबर दो : छह अप्रैल 2021 को नगर की नेहरू रोड स्थित इरफान की हेयर सैलून की दुकान में अचानक शार्ट सर्किट से आग लग जाने से तकरीबन डेढ़ से दो लाख का सामान जलकर राख हो गया था।
केस नंबर तीन : दो साल पहले बिजरौल रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के पास मेरठ निवासी मनोज की कार मेें आग लग गई थी।
अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर, आग बुझाने की नहीं व्यवस्था
नगर बड़ौत की खत्री गढ़ी में दो-चार को छोड़कर अन्य कोचिंग सेंटर अवैध रूप से चल रहे है। यहां नगर सहित देहात क्षेत्र के अलावा शामली, लोनी, मुजफ्फरनगर आदि जगहों से काफी छात्र कोचिंग करने आते है, लेकिन दो-चार को छोड़कर किसी के पास भी आग बुझाने के साधन नहीं है।
हाईवे पर खुलेआम पेट्रोल की अवैध ब्रिकी
कोतवाली पुलिस की नाक के नीचे छपरौली चुंगी पर कई वर्षों से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के किनारे अवैध पेट्रोल की ब्रिकी धड़ल्ले से हो रही है। स्थानीय लोग शिकायत करते है, लेकिन पुलिस आंख मूंदे बैठी है।
आग से बचाव के कुछ तरीके
- बिजली की तारों को लूज न छोड़े
- एमसीबी और एलसीबी व आईएसआई मार्का के तारों का प्रयोग करें
- बिजली के प्वाइंटों में उपकरणों को चालू कर न छोड़ें
- घर से बाहर जाते समय सभी उपकरणों, गैस लाइन को बंद करके जाएं
- गैस की पाइप को हर दो वर्षों में बदलें
- घर से बाहर जाने से पूर्व मंदिर आदि में दीपक, धूप अगरबत्ती जलाकर न जाएं
- 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले फ्लैटों में छत के दरवाजों को बंद न करें
- सीढ़ियों और आपात रास्तों को हमेशा खाली रखें
- सीढ़ियों के पास वाहनों को न खड़ा करें