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बागपत: बगैर शिक्षक कैसे जले तालीम की लौ
Sun, 19 Feb 2023 11:16 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 19 Feb 2023 11:16 PM IST
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बड़ौत। भले ही केंद्र और प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन के जरिये प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने में जुटी हो, लेकिन नगर में शैक्षिक उन्नयन की बात करना भी बेमानी है, क्योंकि नगर के चार प्राथमिक विद्यालयों में एक भी शिक्षक तैनात नहीं है। जिस कारण सैकड़ों बच्चों के भविष्य का जिम्मा शिक्षामित्रों के कंधे पर है। आलम यह है कि खुद खंड शिक्षा अधिकारी इन विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती के लिए बीएसए से लेकर एडी बेसिक को चिट्ठी लिख चुकी है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
नगर में चार ऐसे प्राथमिक विद्यालय में जहां पिछले कई वर्षो से बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक तैनात नहीं है। शिक्षा विभाग के अनुसार नगर के प्राथमिक विद्यालय पठानकोठ, पट्टी मेहर विद्यालय, बालवीर विद्या मंदिर स्कूल व बाल विद्या मंदिर स्कूल में लगभग 403 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन इन बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है।
जबकि दूसरी ओर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है, लेकिन जब विद्यालय में शिक्षक ही नहीं है तो कैसे निपुण भारत का सपना साकार हो सकेगा। उधर शिक्षकों के अभाव के चलते यहां पर तैनात चार शिक्षामित्र ही बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। एबीएसए वंदना सैनी ने बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कई बार बीएसए और एडी बेसिक को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
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नगर में चार ऐसे प्राथमिक विद्यालय में जहां पिछले कई वर्षो से बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक तैनात नहीं है। शिक्षा विभाग के अनुसार नगर के प्राथमिक विद्यालय पठानकोठ, पट्टी मेहर विद्यालय, बालवीर विद्या मंदिर स्कूल व बाल विद्या मंदिर स्कूल में लगभग 403 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन इन बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है।
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जबकि दूसरी ओर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है, लेकिन जब विद्यालय में शिक्षक ही नहीं है तो कैसे निपुण भारत का सपना साकार हो सकेगा। उधर शिक्षकों के अभाव के चलते यहां पर तैनात चार शिक्षामित्र ही बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। एबीएसए वंदना सैनी ने बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कई बार बीएसए और एडी बेसिक को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
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