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प्रमुख पद को लेकर बागपत ब्लॉक कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा
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- निर्दलीय प्रत्याशी पक्ष की महिला बीडीसी को उठाकर ब्लॉक कार्यालय में बनाया बंधक
- हंगामा होने पर वापस घर छोड़ आई पुलिस, भाजपा जिलाध्यक्ष को भी झेलना पड़ा विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। प्रमुख पद को लेकर शुक्रवार दोपहर बागपत ब्लॉक कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता पक्ष के लोगों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में पुलिस उनके पक्ष की महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य को मेरठ रोड स्थित एक घर से उठाकर लाई है। ब्लॉक कार्यालय में उसे बंधक बनाकर रखा गया है। उन्होंने एसपी से मिलकर इसकी शिकायत भी की। काफी देर चले हंगामे के बाद पुलिस महिला को वापस उसके घर छोड़ आई।
बागपत ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा की प्रत्याशी मीनू और निर्दलीय सुनीता देवी दावेदार हैं। शनिवार को मतदान होना है। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे कई गाड़ियों में पुलिसकर्मी मेरठ रोड पर मिल गेट के सामने स्थित कृष्णपाल सिंह के घर पहुंचे। वहां दौझा निवासी बीडीसी साहिरा पत्नी असलम मौजूद थीं। साहिरा को पुलिस जबरन एक प्राइवेट गाड़ी में उठाकर ब्लॉक कार्यालय ले गए। उसे एडीओ कार्यालय में बंद कर दिया गया। महिला पुलिसकर्मी साथ में कमरे में रही। तभी सुनीता पक्ष से जयकरण नेता, मनुपाल बंसल आदि ब्लॉक कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने साहिरा को उठाकर ले जाने का जमकर विरोध किया। एसपी अभिषेक सिंह से मिलकर भी इसकी शिकायत की। हंगामा बढ़ता देख पुलिस बैकफुट पर आ गई। बाद में पुलिस साहिरा को छोड़ आई।
साहिरा को सुनीता समझकर उठा लाई पुलिस
निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता देवी के परिजनों ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी मीनू को जिताने के लिए पुलिस ने सारी हदें पार कर दीं। सुनीता का नामांकन वापस कराने में पूरा जोर लगा दिया। इसके लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों और उनके कई परिजनों को उठाया गया। बताया जा रहा है कि किसी ने पुलिस को सूचना दे दी कि निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता मेरठ रोड पर मिल गेट के सामने स्थित कृष्णपाल सिंह के घर पर है। जिस पर पुलिस कई गाड़ी लेकर आनन-फानन में मौके पर पहुंची और वहां मौजूद बीडीसी साहिरा को सुनीता समझकर उठा लाई। बाद में पता चला कि वह साहिरा है।
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निनाना की बीडीसी पारूल को भी उठाया
निनाना गांव से बीडीसी पारूल शुक्रवार को अपने जीत के प्रमाण पत्र की त्रुटि ठीक कराने आई थी। उसे भी उठा लिया गया। इसे लेकर भी हंगामा हुआ। बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
पुलिस व्यवस्था बनाने में जुटी हुई थी। पुलिस ने किसी को न तो कहीं से उठाया और न हिरासत में लिया। - अनुज कुमार मिश्रा, सीओ बागपत।
बागपत ब्लॉक प्रमुख पद : भाजपा बनाम भाजपा
बागपत। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत के आड़े भाजपाई ही आ रहे हैं। भाजपा ने बागपत ब्लॉक प्रमुख पद पर मीनू पत्नी विनोद का अपना प्रत्याशी बनाया है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सुनीता पत्नी रमेश भी मैदान में है। सुनीता के पक्ष में भाजपा नेताओं की लंबी फेहरिस्त है। ऐसे में यह चुनाव भाजपा बनाम भाजपा बन गया है। अब देखना है कि किसका पलड़ा भारी साबित होता है। बीडीसी साहिरा को उठाकर लाए जाने के विरोध में अधिकतर भाजपाई थे, जिन्होंने ब्लॉक कार्यालय में जमकर हंगामा किया। भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल सिंह गुर्जर को भी भारी विरोध झेलना पड़ा। वह भी हंगामे के बीच ब्लॉक कार्यालय समर्थकों के साथ पहुंचे थे। उन्हें देखकर सुनीता के पक्ष में खड़े भाजपा नेता भड़क गए। उन्होंने आरोप लगाया कि चार दिन पूर्व मीनू के पति को बसपा की बैठक में भाग लेते देखा गया था। इसके बाद भी उन्हें ब्लॉक प्रमुख पद पर प्रत्याशी बना दिया गया। यह भाजपा के लिए नुकसानदेह साबित होगा। हंगामा बढ़ता देख जिलाध्यक्ष वहां से निकल गए।
एआरओ बोले मुझे जानकारी नहीं, इंस्पेक्टर ने साधी चुप्पी
साहिरा को ब्लॉक कार्यालय में लाए जाने के दौरान एआरओ संदीप पाल वहां मौजूद थे। उनके बराबर वाले कमरे में ही साहिरा को रखा गया। इसे लेकर काफी हंगामा भी हुआ, इसके बाद भी एआरओ बार-बार यह कहते रहे कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। वह अपने काम में व्यस्त हैं। इस संबंध में जब कोतवाली प्रभारी एनएस सिरोही से पूछा गया तो उन्होंने भी चुप्पी साध ली।
पैसों को लेकर बातचीत का ऑडियो वायरल
बागपत ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव को लेकर पैसों के लेनदेन का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें भाजपा नेता किसी व्यक्ति से लंबी बातचीत कर रहे हैं। वह उसे दोनों प्रत्याशियों से पैसे लेने के लिए कह रहे हैं। हालांकि यह ऑडियो कई दिन पुराना है। तब तक चुनाव की तिथि भी घोषित नहीं हुई थी।
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- हंगामा होने पर वापस घर छोड़ आई पुलिस, भाजपा जिलाध्यक्ष को भी झेलना पड़ा विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। प्रमुख पद को लेकर शुक्रवार दोपहर बागपत ब्लॉक कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता पक्ष के लोगों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में पुलिस उनके पक्ष की महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य को मेरठ रोड स्थित एक घर से उठाकर लाई है। ब्लॉक कार्यालय में उसे बंधक बनाकर रखा गया है। उन्होंने एसपी से मिलकर इसकी शिकायत भी की। काफी देर चले हंगामे के बाद पुलिस महिला को वापस उसके घर छोड़ आई।
बागपत ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा की प्रत्याशी मीनू और निर्दलीय सुनीता देवी दावेदार हैं। शनिवार को मतदान होना है। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे कई गाड़ियों में पुलिसकर्मी मेरठ रोड पर मिल गेट के सामने स्थित कृष्णपाल सिंह के घर पहुंचे। वहां दौझा निवासी बीडीसी साहिरा पत्नी असलम मौजूद थीं। साहिरा को पुलिस जबरन एक प्राइवेट गाड़ी में उठाकर ब्लॉक कार्यालय ले गए। उसे एडीओ कार्यालय में बंद कर दिया गया। महिला पुलिसकर्मी साथ में कमरे में रही। तभी सुनीता पक्ष से जयकरण नेता, मनुपाल बंसल आदि ब्लॉक कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने साहिरा को उठाकर ले जाने का जमकर विरोध किया। एसपी अभिषेक सिंह से मिलकर भी इसकी शिकायत की। हंगामा बढ़ता देख पुलिस बैकफुट पर आ गई। बाद में पुलिस साहिरा को छोड़ आई।
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साहिरा को सुनीता समझकर उठा लाई पुलिस
निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता देवी के परिजनों ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी मीनू को जिताने के लिए पुलिस ने सारी हदें पार कर दीं। सुनीता का नामांकन वापस कराने में पूरा जोर लगा दिया। इसके लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों और उनके कई परिजनों को उठाया गया। बताया जा रहा है कि किसी ने पुलिस को सूचना दे दी कि निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता मेरठ रोड पर मिल गेट के सामने स्थित कृष्णपाल सिंह के घर पर है। जिस पर पुलिस कई गाड़ी लेकर आनन-फानन में मौके पर पहुंची और वहां मौजूद बीडीसी साहिरा को सुनीता समझकर उठा लाई। बाद में पता चला कि वह साहिरा है।
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निनाना की बीडीसी पारूल को भी उठाया
निनाना गांव से बीडीसी पारूल शुक्रवार को अपने जीत के प्रमाण पत्र की त्रुटि ठीक कराने आई थी। उसे भी उठा लिया गया। इसे लेकर भी हंगामा हुआ। बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
पुलिस व्यवस्था बनाने में जुटी हुई थी। पुलिस ने किसी को न तो कहीं से उठाया और न हिरासत में लिया। - अनुज कुमार मिश्रा, सीओ बागपत।
बागपत ब्लॉक प्रमुख पद : भाजपा बनाम भाजपा
बागपत। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत के आड़े भाजपाई ही आ रहे हैं। भाजपा ने बागपत ब्लॉक प्रमुख पद पर मीनू पत्नी विनोद का अपना प्रत्याशी बनाया है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सुनीता पत्नी रमेश भी मैदान में है। सुनीता के पक्ष में भाजपा नेताओं की लंबी फेहरिस्त है। ऐसे में यह चुनाव भाजपा बनाम भाजपा बन गया है। अब देखना है कि किसका पलड़ा भारी साबित होता है। बीडीसी साहिरा को उठाकर लाए जाने के विरोध में अधिकतर भाजपाई थे, जिन्होंने ब्लॉक कार्यालय में जमकर हंगामा किया। भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल सिंह गुर्जर को भी भारी विरोध झेलना पड़ा। वह भी हंगामे के बीच ब्लॉक कार्यालय समर्थकों के साथ पहुंचे थे। उन्हें देखकर सुनीता के पक्ष में खड़े भाजपा नेता भड़क गए। उन्होंने आरोप लगाया कि चार दिन पूर्व मीनू के पति को बसपा की बैठक में भाग लेते देखा गया था। इसके बाद भी उन्हें ब्लॉक प्रमुख पद पर प्रत्याशी बना दिया गया। यह भाजपा के लिए नुकसानदेह साबित होगा। हंगामा बढ़ता देख जिलाध्यक्ष वहां से निकल गए।
एआरओ बोले मुझे जानकारी नहीं, इंस्पेक्टर ने साधी चुप्पी
साहिरा को ब्लॉक कार्यालय में लाए जाने के दौरान एआरओ संदीप पाल वहां मौजूद थे। उनके बराबर वाले कमरे में ही साहिरा को रखा गया। इसे लेकर काफी हंगामा भी हुआ, इसके बाद भी एआरओ बार-बार यह कहते रहे कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। वह अपने काम में व्यस्त हैं। इस संबंध में जब कोतवाली प्रभारी एनएस सिरोही से पूछा गया तो उन्होंने भी चुप्पी साध ली।
पैसों को लेकर बातचीत का ऑडियो वायरल
बागपत ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव को लेकर पैसों के लेनदेन का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें भाजपा नेता किसी व्यक्ति से लंबी बातचीत कर रहे हैं। वह उसे दोनों प्रत्याशियों से पैसे लेने के लिए कह रहे हैं। हालांकि यह ऑडियो कई दिन पुराना है। तब तक चुनाव की तिथि भी घोषित नहीं हुई थी।