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खुद को सुधारो जन्नत के रास्ते खुल जाएंगे
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 22 May 2016 01:16 AM IST
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नमाज से पूर्व वजू करते अकीदतमंद।
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। अमीनगर सराय रोड पर शनिवार सुबह उलमा-ए-हिंद की तकरीरों के साथ दो दिवसीय तब्लीगी इज्तमा शुरू हो गया। दीन सीखने-सिखाने और शरीअत के मुताबिक जिंदगी गुजारने की फिक्र को लेकर तमाम लोग इज्तमा स्थल पर जुटे। यहां जिले के जिम्मेदार उलेमा-ए-किराम ने तकरीर में अल्लाह के हुक्म के अनुसार जिंदगी बिताने पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि मरकज हजरत निजामुद्दीन से आए मौलाना शमीम ने तकरीर में कहा कि अल्लाह का डर मन में बिठाकर रखना चाहिए। मौत से पहले अच्छे कर्म करो। खुद को सुधारों तो जन्नत के रास्ते ख्ुाल जाएंगे। बुरे काम करने वालों को दोजख से कोई नहीं बचा सकता।
कोई भी मजहब गलत राह पर चलने की सीख नहीं देता। इसलिए ईर्ष्या और द्वेष की भावना मत पालो। अपने मुल्क के प्रति वफादार बनो।
मौलाना शाद ने कुरआन व हदीस का हवाला देते हुए कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने पूरी दुनिया को अमन-चैन का पैगाम दिया। इंसान कलमा, नमाज, रोजा, जकात और हज को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना ले तो जीवन संवर जाएगा। हाजी जव्वाद ने कहा कि दुनियावी चीजों के अमल से पहले अल्लाह को याद करना चाहिए।
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इस मौके पर मुख्य रूप से हाजी आसिफ मुजफ्फरनगर, अब्दुल वाहिद, हाजी रशीद, मोहम्मद इनाम, हाफिज शाहिद, मुफ्ती सालिम, हाजी तराबुद्दीन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री, मोहम्मद आरिफ मलिक, हाजी मेहंदी हसन, हाफिज कासिम, मौलाना रियाज, शौकीन मलिक, मुफ्ती अब्बास, हासिम, अख्तर, इरफान, सलीम चौधरी आदि हजारों जायरीन मौजूद रहे।
सामूहिक नमाज अदा कराई
शनिवार को इज्तमा स्थल पर मरकजी मस्जिद फूंसवाली बड़ौत के शाही इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने तय वक्त पर नमाज अदा कराई। इज्तमे में सामूहिक निकाह के लिए दिनभर पंजीयन का काम चलता रहा। इस दौरान जिले से दो दर्जन निकाहों के लिए पंजीयन हुआ। इसके बाद जोड़ों के सामूहिक निकाह पढ़वाए गए। इस दौरान दोनों पक्षों के परिवारों के लोग भी मौजूद रहे।
सामूहिक दुआ के लिए तैयारी मुकम्मल
बड़ौत। फूंस वाली मस्जिद के शाही इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने बताया कि रविवार को होने वाली सामूहिक दुआ के लिए आयोजकों की ओर से तैयारी मुकम्मल हो चुकी है। मौलाना ने बताया कि सामूहिक दुआ रविवार सुबह करीब 9 बजे होगी। दुआ में भारी भीड़ की संभावना के चलते कार्यक्रम स्थल पर पार्किंग और बैठने आदि की भी व्यवस्था भी गई है। बताया कि सामूहिक दुआ में एक लाख से अधिक अकीदतमंदों के पहुंचने की संभावना है। इज्तमे के दौरान जुटी भारी भीड़ को देखते हुए शासन-प्रशासन भी मुस्तैद रहा। दिनभर जिला प्रशासन के अधिकारी व्यवस्था को लेकर चौकन्ने रहे।
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मुख्य अतिथि मरकज हजरत निजामुद्दीन से आए मौलाना शमीम ने तकरीर में कहा कि अल्लाह का डर मन में बिठाकर रखना चाहिए। मौत से पहले अच्छे कर्म करो। खुद को सुधारों तो जन्नत के रास्ते ख्ुाल जाएंगे। बुरे काम करने वालों को दोजख से कोई नहीं बचा सकता।
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कोई भी मजहब गलत राह पर चलने की सीख नहीं देता। इसलिए ईर्ष्या और द्वेष की भावना मत पालो। अपने मुल्क के प्रति वफादार बनो।
मौलाना शाद ने कुरआन व हदीस का हवाला देते हुए कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने पूरी दुनिया को अमन-चैन का पैगाम दिया। इंसान कलमा, नमाज, रोजा, जकात और हज को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना ले तो जीवन संवर जाएगा। हाजी जव्वाद ने कहा कि दुनियावी चीजों के अमल से पहले अल्लाह को याद करना चाहिए।
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इस मौके पर मुख्य रूप से हाजी आसिफ मुजफ्फरनगर, अब्दुल वाहिद, हाजी रशीद, मोहम्मद इनाम, हाफिज शाहिद, मुफ्ती सालिम, हाजी तराबुद्दीन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री, मोहम्मद आरिफ मलिक, हाजी मेहंदी हसन, हाफिज कासिम, मौलाना रियाज, शौकीन मलिक, मुफ्ती अब्बास, हासिम, अख्तर, इरफान, सलीम चौधरी आदि हजारों जायरीन मौजूद रहे।
सामूहिक नमाज अदा कराई
शनिवार को इज्तमा स्थल पर मरकजी मस्जिद फूंसवाली बड़ौत के शाही इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने तय वक्त पर नमाज अदा कराई। इज्तमे में सामूहिक निकाह के लिए दिनभर पंजीयन का काम चलता रहा। इस दौरान जिले से दो दर्जन निकाहों के लिए पंजीयन हुआ। इसके बाद जोड़ों के सामूहिक निकाह पढ़वाए गए। इस दौरान दोनों पक्षों के परिवारों के लोग भी मौजूद रहे।
सामूहिक दुआ के लिए तैयारी मुकम्मल
बड़ौत। फूंस वाली मस्जिद के शाही इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने बताया कि रविवार को होने वाली सामूहिक दुआ के लिए आयोजकों की ओर से तैयारी मुकम्मल हो चुकी है। मौलाना ने बताया कि सामूहिक दुआ रविवार सुबह करीब 9 बजे होगी। दुआ में भारी भीड़ की संभावना के चलते कार्यक्रम स्थल पर पार्किंग और बैठने आदि की भी व्यवस्था भी गई है। बताया कि सामूहिक दुआ में एक लाख से अधिक अकीदतमंदों के पहुंचने की संभावना है। इज्तमे के दौरान जुटी भारी भीड़ को देखते हुए शासन-प्रशासन भी मुस्तैद रहा। दिनभर जिला प्रशासन के अधिकारी व्यवस्था को लेकर चौकन्ने रहे।