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पुलिस पर जानलेवा हमले में सजा पर सुनवाई आज

Wed, 22 Jan 2020 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 12:30 AM IST
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Hearing on sentence in the deadly attack on police today
बागपत। दोघट थाने के सिपाही पर जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट बुधवार को सजा सुनाएगी। इस मामले में हिस्ट्रीशीटर मुसलम गांव निवासी राजीव आरोपी है।
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एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि दोघट के एसआई अंगन सिंह 31 दिसंबर 2011 की रात आठ बजे एचसीपी वीरेंद्र सिंह, कांस्टेबल धीरज और हरिशंकर के साथ गश्त कर रहे थे। दाहा-बरनावा रोड पर चेकिंग के दौरान पलड़ी की ओर से एक बाइक पर सवार तीन युवक आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने बाइक सवार हिस्ट्रीशीटर मुलसम गांव निवासी राजीव को पहचान लिया और रुकने का इशारा किया। राजीव ने पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली सिपाही धीरज की जांघ को चीरती हुई निकल गई। हमलावर पुलिस के सामने ही फरार हो गए थे। पुलिस ने घायल सिपाही को बड़ौत सीएचसी में भर्ती कराया। अगले दिन दोघट में हुई मुठभेड़ में राजीव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। एसआई अंगन सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी से 32 बोर का पिस्टल बरामद हुआ था। पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे का ट्रायल एडीजे स्पेशल एससी/एसटी आबिद शमीम की अदालत में हुआ। एडीजीसी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने छह गवाह पेश किए। सोमवार को अभियुक्त पर अदालत ने दोष सिद्ध हो चुका है। सजा पर बुधवार को अदालत में सुनवाई की जाएगी।

स्टाफ नर्स की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
बागपत। स्वास्थ्य विभाग में संविदा के पदों पर फर्जी ऑफर लेटर से भर्ती के खेल में पकड़ी गई स्टाफ नर्स अर्चना की अग्रिम जमानत की अर्जी अदालत खारिज कर दी है। बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टाफ नर्स की नियुक्ति की गई थी। 28 नवंबर को जिले में आठ स्टाफ नर्स के फर्जी ऑफर लेटर से भर्ती का खेल खुला था। 13 नवंबर को छह नए मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एचआर विभाग के जनरल मैनेजर से नियुक्ति पत्र की जांच कराई थी, जिनमें स्टाफ नर्स के नियुक्ति पत्र फर्जी निकले थे। फर्जी ऑफर लेटर से नियुक्ति पाने वाली कुल 14 स्टाफ नर्स की संविदा समाप्त कर दी गई थी। डीजीसी सुनील पंवार ने बताया कि स्टाफ नर्स अर्चना ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला जज राजीव शर्मा की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, जिसे खारिज कर दिया गया। डीजीसी ने बताया कि स्टाफ नर्स अलका की ओर से अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल नहीं किया गया है।
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