फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   health center itself sick

स्वास्थ्य केंद्र खुद ही हुए बीमार, गोबर व भूसा भरा हुआ

Sun, 08 May 2022 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
health center itself sick
बड़का गांव में जर्जर हालत में स्वास्थ्य उपकेंद्र - फोटो : BAGHPAT
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बागपत। लोगों को गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए बनाए उपकेंद्र खुद ही बीमार पड़े हैं। किसी जगह उपकेंद्र के भवन में गोबर भरा है तो कहीं ग्रामीणों ने भूसा भर दिया है। ऐसा किसी एक ही जगह नहीं है, बल्कि यहां करीब 30 उपकेंद्रों की हालत ऐसी ही है। उनके भवन जर्जर हो चुके हैं। इसके बावजूद अधिकारी उन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जिले में 200 स्वास्थ्य उप केंद्र हैं और इनमें से 30 उपकेंद्रों की हालत खराब हो चुकी हैं। निवाड़ा के उप स्वास्थ्य केंद्र में ग्रामीणों ने गोबर भर दिया है। वहीं, सिंगौली तगा के उपकेंद्र में भूसा भरा है। इनके अतिरिक्त बडक़ा, खट्टा प्रहलादपुर, गढ़ी कलंजरी, सुन्हैड़ा, असारा, हिलवाड़ी, सलावतपुर खेड़ी, लहचौड़ा, पिचोकरा आदि गांवों में उप केंद्रों की हालत खराब है। इन गांवों में लाखों रुपये खर्च करके उपकेंद्र के भवन बनाए थे। उनको दस-दस साल बीत चुके हैं। इसके बावजूद आज तक वह उपकेंद्र शुरू नहीं किए गए। उन उपकेंद्रों में कुछ के भवन जर्जर हो चुके हैं। जिन उपकेंद्रों की हालत खराब है, वहां स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण आदि का कार्य ग्राम प्रधान, आशा या चौपाल पर बैठकर करते हैं। इस तरह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन

आपातकाल में होती है सबसे ज्यादा परेशानी
निवाड़ा निवासी बाबर का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी आपातकाल में होती है। गर्भवती महिलाओं को अचानक परेशानी होने के साथ ही बच्चों को कोई समस्या होती है तो तुरंत अस्पताल लेकर भागना पड़ता है। निवाड़ा गांव के साजिद ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र करीब दस साल पहले बनाया था, लेकिन वह आजतक संचालित नहीं हुआ। वहां स्वास्थ्यकर्मी की तैनाती हो जाए तो आपातकाल में दवा मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

जितने भी स्वास्थ्य केंद्रों के भवन जर्जर हो चुके हैं, उनका निरीक्षण कराया जा रहा है। उनको ठीक कराने के लिए तथा स्टाफ तैनात करने को प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। जिससे उन गांवों में शुरूआती स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को केंद्र में मिल सकें।-डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed