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सियासत में बंट गया किसानों का दर्द

Sat, 03 Dec 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Sat, 03 Dec 2016 12:04 AM IST
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he pain of the farmers broke into politics
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान गेट बंद करते छपरौली क्षेत्र के किसान। - फोटो : AMAR UJALA
बागपत। भुगतान का मुद्दा भी सियासत में बंटता नजर आ रहा है। मलकपुर मिल पर जिले के किसानों के 239 करोड़ रुपये बकाया है। बड़ौत तहसील में किसानों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया।
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रालोद महासचिव जयंत चौधरी और खाप चौधरियों ने इस धरने को शुक्रवार को संपन्न करा दिया। तीन किस्तों में भुगतान पर सहमति जताई गई। उधर, कलक्ट्रेट में छपरौली के चेयरमैन एवं भाजपा नेता संजीव खोखर का अनशन जारी है। इसमें भाजपा नेता अपना समर्थन कर रहे हैं। एलान किया गया है कि मिल के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुआ। इससे साफ जाहिर है कि किसानों की लड़ाई सियासत में बंटती दिख रही है। रालोद, भाजपा के अलावा खाप चौधरी भी अपने-अपने मंच से किसानों का मुद्दा उठा रहे हैं।
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