{"_id":"5727a8494f1c1bf9435cd2a7","slug":"hasina-was-murdered-over-a-dispute-over-job","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम के विवाद को लेकर हुई थी हसीना की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम के विवाद को लेकर हुई थी हसीना की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 03 May 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत। इदरीशपुर गांव की महिला हसीना की गला काटकर हत्या बड़का गांव के दो सगे भाइयों ने दाई के काम के विवाद को लेकर की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार बरामद किया है।
13 अप्रैल को बड़का गांव के जंगल में किसान उमेश चौहान के ईंख के खेत में इदरीशपुर निवासी हसीना (56) पत्नी स्वर्गीय मंजूर का शव पड़ा मिला था। उनकी गर्दन रेतकर हत्या की गई थी और मुंह पर चुनरी बांधी हुई थी। उनके हाथ-पैर भी रस्सी से बंधे हुए थे। वह 11 अप्रैल की शाम को घर से रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर निकली थीं। हसीना गांव में दाई का काम करती थीं। इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
पुलिस ने मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर जांच की तो बड़का गांव के मोहसिन व गुलफाम पुत्रगण हनीफ पर शक की सुईं टिकी। पुलिस ने रविवार को दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि उनकी मां रफ्फो भी दाई का काम करती है। हसीना का रफ्फो से दाई के काम को लेकर विवाद चला आ रहा था।
विज्ञापन
इसी को लेकर उन्होंने 11 अप्रैल को हसीना को काम के बहाने घर से बुलाया और बड़का गांव के जंगल में ले जाकर उनकी गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को जंगल में फेंक दिया था। दोनों के मोबाइल की लोकेशन घटना स्थल के आसपास मिली है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दोनों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मीट काटने वाला बुगदा (धारदार हथियार) बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
13 अप्रैल को बड़का गांव के जंगल में किसान उमेश चौहान के ईंख के खेत में इदरीशपुर निवासी हसीना (56) पत्नी स्वर्गीय मंजूर का शव पड़ा मिला था। उनकी गर्दन रेतकर हत्या की गई थी और मुंह पर चुनरी बांधी हुई थी। उनके हाथ-पैर भी रस्सी से बंधे हुए थे। वह 11 अप्रैल की शाम को घर से रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर निकली थीं। हसीना गांव में दाई का काम करती थीं। इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
विज्ञापन
पुलिस ने मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर जांच की तो बड़का गांव के मोहसिन व गुलफाम पुत्रगण हनीफ पर शक की सुईं टिकी। पुलिस ने रविवार को दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि उनकी मां रफ्फो भी दाई का काम करती है। हसीना का रफ्फो से दाई के काम को लेकर विवाद चला आ रहा था।
विज्ञापन
इसी को लेकर उन्होंने 11 अप्रैल को हसीना को काम के बहाने घर से बुलाया और बड़का गांव के जंगल में ले जाकर उनकी गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को जंगल में फेंक दिया था। दोनों के मोबाइल की लोकेशन घटना स्थल के आसपास मिली है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दोनों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मीट काटने वाला बुगदा (धारदार हथियार) बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।