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हनुमंत कथा का शुभारंभ, कलश यात्रा निकाली
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बागपत में कलश यात्रा निकालते महिला श्रद्घालु
- फोटो : BAGHPAT
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पक्का घाट मंदिर के परशुराम भवन में सोमवार को हनुमंत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा से पूर्व कीर्तन करते हुए हनुमंत पताका और कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा नगर के मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर ही संपन्न हुई।
कथा व्यास अरविंद भाई ओझा ने कहा कि हनुमान जी भगवान शिव के अंश है। हनुमान जी की कृपा के बिना श्री राम की भक्ति संभव नहीं है। जीवन में भावना जगने से मानवता और भावना समाप्त होने पर मानव दानव बन जाता है। हनुमान जी के तप के कारण उनकी कथा अमृत कथा हो गई। किसी भी व्यक्ति की सफलता और विफलता उसके कर्मों के आधार पर मिलती है। हर व्यक्ति में सुमुति और कुमुति (अच्छाई व बुराई) दोनों होती है। उसके जीवन में क्या बढ़ रहा है, वह व्यक्ति के विवेक पर निर्भर करता है। हनुमान की भक्ति करने से व्यक्ति का विवेक जाग्रत होता है। उन्होंने लोगों को अपने परिवार, समाज, धर्म व राष्ट्र की सेवा भगवान की सेवा मानकर करने का आह्वान किया। घर में पंचदेवों का पूजन करने के साथ-साथ जीवन में पंचतत्वों (पृथ्वी, आकाश, जल, अग्नि व वायु) को शुद्ध रखने का प्रयास करना चाहिए।
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बागपत। पक्का घाट मंदिर के परशुराम भवन में सोमवार को हनुमंत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा से पूर्व कीर्तन करते हुए हनुमंत पताका और कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा नगर के मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर ही संपन्न हुई।
कथा व्यास अरविंद भाई ओझा ने कहा कि हनुमान जी भगवान शिव के अंश है। हनुमान जी की कृपा के बिना श्री राम की भक्ति संभव नहीं है। जीवन में भावना जगने से मानवता और भावना समाप्त होने पर मानव दानव बन जाता है। हनुमान जी के तप के कारण उनकी कथा अमृत कथा हो गई। किसी भी व्यक्ति की सफलता और विफलता उसके कर्मों के आधार पर मिलती है। हर व्यक्ति में सुमुति और कुमुति (अच्छाई व बुराई) दोनों होती है। उसके जीवन में क्या बढ़ रहा है, वह व्यक्ति के विवेक पर निर्भर करता है। हनुमान की भक्ति करने से व्यक्ति का विवेक जाग्रत होता है। उन्होंने लोगों को अपने परिवार, समाज, धर्म व राष्ट्र की सेवा भगवान की सेवा मानकर करने का आह्वान किया। घर में पंचदेवों का पूजन करने के साथ-साथ जीवन में पंचतत्वों (पृथ्वी, आकाश, जल, अग्नि व वायु) को शुद्ध रखने का प्रयास करना चाहिए।
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