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पहले 80 सिलिंडरों के लिए जूझना पड़ा, अब तीन गुना ऑक्सीजन खुद तैयार कर रहे
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तीसरी लहर के लहर के लिए कितने तैयार
- जिला अस्पताल में 500 एलपीएम, खेकड़ा सीएचसी में 466 एलपीएम, सरूरपुर में 333 एलपीएम का प्लांट चल रहा
- सामान्य में 305 बिस्तर और आईसीयू वाले 75 बिस्तर पर मरीजों के लिए कर सकते है ऑक्सीजन की आपूर्ति
- इस वक्त जरूरत के अनुसार दो से पांच घंटे ही चलाए जा रहे प्लांट, 24 घंटे में मिल सकती है 241 सिलिंडर ऑक्सीजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना की दूसरी लहर में जहां प्रतिदिन 80 सिलिंडर ऑक्सीजन के लिए भी जूझना पड़ रहा था, वहीं अब स्वास्थ्य विभाग ने अपने तीन प्लांट लगवाए है, जिनसे तीन गुना ज्यादा ऑक्सीजन मिल सकती है। हालांकि अभी जरूरत के अनुसार केवल दो से पांच घंटे ही प्लांट को चलाया जा रहा है। लेकिन तीनों प्लांट को 24 घंटे चलाने पर करीब 241 सिलिंडर ऑक्सीजन मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल, खेकड़ा सीएचसी व सरूरपुर सीएचसी को एल-2 के कोविड सेंटर बनाया हुआ है। कोरोना की दूसरी लहर का पीक होने पर ऑक्सीजन की किल्लत शुरू हुई तो प्रशासन ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वालों के सिलिंडर कब्जे में लेकर खुद पूरी व्यवस्था संभाली थी। इसके बावजूद स्थिति काफी खराब रही और ऑक्सीजन की किल्लत दूर नहीं हो सकी। हालात यह थे कि 80 सिलिंडर ऑक्सीजन के लिए भी जूझना पड़ रहा था और हरियाणा तक से ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी पड़ी थी। इसे देखते हुए ही तीनों जगह ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना बनाई गई और जिला अस्पताल में पीएम केयर फंड से 500 एलपीएम, खेकड़ा में विधायक निधि से 466 एलपीएम व सरूरपुर में मवाना शुगर मिल से 333 एलपीएम का प्लांट लगाया गया है। यह इसलिए किया गया है, जिससे कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आती है तो ऑक्सीजन की किल्लत के कारण किसी की जान नहीं जा सके।
अभी दो से पांच घंटे चलाए जा रहे तीनों प्लांट
बागपत जिला अस्पताल में लगाए गए प्लांट को करीब पांच घंटे चलाया जा रहा है। क्योंकि अभी ऑक्सीजन की काफी कम जरूरत पड़ रही है। इसकी मॉनीटरिंग भी अब सीधे दिल्ली से कर दी गई है, जिससे किसी तरह की परेशानी आने पर तुरंत पता लगाकर उसे ठीक कराया जा सके। इस तरह की सरूरपुर सीएचसी पर प्लांट को करीब पांच घंटे चलाया जा रहा है और वहां जरूरत के अनुसार सिलिंडर में गैस जमा करके सप्लाई की जाती है। खेकड़ा सीएचसी में लगाए गए प्लांट के ऑपरेटर विपिन कुमार ने बताया कि अभी जरूरत के अनुसार केवल दो घंटे ही प्लांट को चलाया जा रहा है।
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241 सिलिंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन तीनों प्लांट से मिलेगी
जिला अस्पताल में लग रहे 500 एलपीएम के प्लांट से करीब 100 सिलिंडर, खेकड़ा सीएचसी पर लग रहे 466 एलपीएम के प्लांट से करीब 78 सिलिंडर व सरूरपुर में लग रहे 333 एलपीएम के प्लांट से करीब 63 सिलिंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन मिलेगी। इसके लिए प्लांट को 24 घंटे चलाना होगा। अगर ऑक्सीजन को सिलिंडर में भरने की जगह लाइन से सीधे बिस्तर तक पहुंचाया जाएगा तो जिला अस्पताल में सामान्य वाले 125 बिस्तर व आईसीयू वाले 30 बिस्तर के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति एक दिन में प्लांट से होगी। इस तरह ही खेकड़ा में सामान्य वाले 100 बिस्तर व आईसीयू वाले 25 बिस्तर और सरूरपुर में सामान्य वाले 80 बिस्तर व आईसीयू वाले 20 बिस्तर के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति होगी।
ऑक्सीजन के तीनों सरकारी प्लांट प्रतिदिन जरूरत के अनुसार चलाए जा रहे है। क्योंकि अभी ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत नहीं हो रही है। तीसरी लहर से निपटने के लिए ऑक्सीजन की पूरी व्यवस्था है और इस बार ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। - डा. दिनेश कुमार, सीएमओ
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- जिला अस्पताल में 500 एलपीएम, खेकड़ा सीएचसी में 466 एलपीएम, सरूरपुर में 333 एलपीएम का प्लांट चल रहा
- सामान्य में 305 बिस्तर और आईसीयू वाले 75 बिस्तर पर मरीजों के लिए कर सकते है ऑक्सीजन की आपूर्ति
- इस वक्त जरूरत के अनुसार दो से पांच घंटे ही चलाए जा रहे प्लांट, 24 घंटे में मिल सकती है 241 सिलिंडर ऑक्सीजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना की दूसरी लहर में जहां प्रतिदिन 80 सिलिंडर ऑक्सीजन के लिए भी जूझना पड़ रहा था, वहीं अब स्वास्थ्य विभाग ने अपने तीन प्लांट लगवाए है, जिनसे तीन गुना ज्यादा ऑक्सीजन मिल सकती है। हालांकि अभी जरूरत के अनुसार केवल दो से पांच घंटे ही प्लांट को चलाया जा रहा है। लेकिन तीनों प्लांट को 24 घंटे चलाने पर करीब 241 सिलिंडर ऑक्सीजन मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल, खेकड़ा सीएचसी व सरूरपुर सीएचसी को एल-2 के कोविड सेंटर बनाया हुआ है। कोरोना की दूसरी लहर का पीक होने पर ऑक्सीजन की किल्लत शुरू हुई तो प्रशासन ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वालों के सिलिंडर कब्जे में लेकर खुद पूरी व्यवस्था संभाली थी। इसके बावजूद स्थिति काफी खराब रही और ऑक्सीजन की किल्लत दूर नहीं हो सकी। हालात यह थे कि 80 सिलिंडर ऑक्सीजन के लिए भी जूझना पड़ रहा था और हरियाणा तक से ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी पड़ी थी। इसे देखते हुए ही तीनों जगह ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना बनाई गई और जिला अस्पताल में पीएम केयर फंड से 500 एलपीएम, खेकड़ा में विधायक निधि से 466 एलपीएम व सरूरपुर में मवाना शुगर मिल से 333 एलपीएम का प्लांट लगाया गया है। यह इसलिए किया गया है, जिससे कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आती है तो ऑक्सीजन की किल्लत के कारण किसी की जान नहीं जा सके।
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अभी दो से पांच घंटे चलाए जा रहे तीनों प्लांट
बागपत जिला अस्पताल में लगाए गए प्लांट को करीब पांच घंटे चलाया जा रहा है। क्योंकि अभी ऑक्सीजन की काफी कम जरूरत पड़ रही है। इसकी मॉनीटरिंग भी अब सीधे दिल्ली से कर दी गई है, जिससे किसी तरह की परेशानी आने पर तुरंत पता लगाकर उसे ठीक कराया जा सके। इस तरह की सरूरपुर सीएचसी पर प्लांट को करीब पांच घंटे चलाया जा रहा है और वहां जरूरत के अनुसार सिलिंडर में गैस जमा करके सप्लाई की जाती है। खेकड़ा सीएचसी में लगाए गए प्लांट के ऑपरेटर विपिन कुमार ने बताया कि अभी जरूरत के अनुसार केवल दो घंटे ही प्लांट को चलाया जा रहा है।
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241 सिलिंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन तीनों प्लांट से मिलेगी
जिला अस्पताल में लग रहे 500 एलपीएम के प्लांट से करीब 100 सिलिंडर, खेकड़ा सीएचसी पर लग रहे 466 एलपीएम के प्लांट से करीब 78 सिलिंडर व सरूरपुर में लग रहे 333 एलपीएम के प्लांट से करीब 63 सिलिंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन मिलेगी। इसके लिए प्लांट को 24 घंटे चलाना होगा। अगर ऑक्सीजन को सिलिंडर में भरने की जगह लाइन से सीधे बिस्तर तक पहुंचाया जाएगा तो जिला अस्पताल में सामान्य वाले 125 बिस्तर व आईसीयू वाले 30 बिस्तर के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति एक दिन में प्लांट से होगी। इस तरह ही खेकड़ा में सामान्य वाले 100 बिस्तर व आईसीयू वाले 25 बिस्तर और सरूरपुर में सामान्य वाले 80 बिस्तर व आईसीयू वाले 20 बिस्तर के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति होगी।
ऑक्सीजन के तीनों सरकारी प्लांट प्रतिदिन जरूरत के अनुसार चलाए जा रहे है। क्योंकि अभी ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत नहीं हो रही है। तीसरी लहर से निपटने के लिए ऑक्सीजन की पूरी व्यवस्था है और इस बार ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। - डा. दिनेश कुमार, सीएमओ