साढ़े छह लाख में ली थी हत्या की सुपारी
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक हेडमास्टर सतपाल शर्मा के विपक्षी आनंद और उसका बेटा मोहित मेरठ जेल में बंद हैं। उन्होंने जेल में ही बंद छपरौली थाने के हिस्ट्रीशीटर अमरपाल उर्फ कालूराम निवासी शेरपुर लुहारा और अनिल सूप से सतपाल की हत्या की बात की। इसके लिए वे दोनों तैयार हो गए। उन्होंने साढ़े छह लाख रुपये में सतपाल की हत्या की सुपारी ली थी।
11 अप्रैल को अमरपाल की पत्नी और तीनों शूटर (सोनू उर्फ शिशुपाल उर्फ अमरीकन, गौरव और रोहित) मिलने के लिए मेरठ जेल में गए थे। वहां पर ही उनकी हत्या का प्लान तैयार हुआ था। इसके बाद वे वहां से घर आ गए थे। 14 अप्रैल को शूटरों ने फिर जेल में जाकर बातचीत की।
वहां से लौटने के बाद मेरठ जेल में बंद सतपाल शर्मा के विपक्षी आनंद शर्मा के घर पहुंचे। वहां पर आनंद की पत्नी बबली से मिले। उसने उन्हें 10 हजार रुपये दिए। इसमें से तीन हजार रुपये अमरपाल की पत्नी बाबू किरण को उसके मायके इटावा (मुजफ्फरनगर) में देकर आए। वहां उन्हें अमरपाल का भतीजा लेकर गया था।
उसी समय बाबू किरण ने तीनों शूटरों को तीन तमंचे और 17 कारतूस सतपाल की हत्या करने के लिए दे दिए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 22 अप्रैल को देर शाम ही तीनों शूटर सतपाल के विपक्षी आनंद के घर पर पहुंच गए थे। आनंद के परिवार की महिलाओं ने हेडमास्टर सतपाल के स्कूल जाने की जानकारी दी। यहीं नहीं सोने के लिए तीनों को बिस्तर भी उपलब्ध कराया। खेत में ही उन्होंने रात बिताई। इसके आधार पर उन्होंने स्कूल में पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया।
हेड मास्टर सतपाल की हत्या करने के आरोपी शूटर गौरव को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। प्रधानाध्यापक सतपाल की हत्या मेरठ जेल में बंद अमरपाल शेरपुर लुहारा और अनिल सूप ने कराई है। - रवि शंकर छवि, एसपी।