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Baghpat News: जिप्सम वितरण योजना लागू, अब बंजर धरती उगलेगी सोना
Mon, 24 Mar 2025 12:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 24 Mar 2025 12:30 AM IST
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बागपत। मृदा में सूक्ष्म तत्वों की कमी दूर करने तथा बंजर धरती को उपजाऊ बनाने के लिए नए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शासन ने बागपत समेत 68 जिलों में जिप्सम वितरण योजना लागू कर दी। किसानों को जिप्सम खरीद पर 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। जिप्सम के उपयोग से फसल उत्पादन में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत किसान जिप्सम पर अनुदान ले सकते हैं। एक किसान को तीन क्विंटल अथवा अधिकतम दो हेक्टेयर तक के लिए जिप्सम ले सकेंगे। किसानों को अपना 25 प्रतिशत पैसा डिजिटल माध्यम से चुकाना होगा। पाॅस मशीन से जिप्सम का वितरण होगा। किसानों को जिप्सम की खरीद पर हाथों-हाथ अनुदान मिलेगा। यानी कीमत का 25 प्रतिशत पैसा ही देना पड़ेगा। शासन में विशेष सचिव कृषि टीके शिब्बू ने विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया कि जिप्सम की आपूर्ति ब्लाक स्तर पर राजकीय बीज भंडारों पर कराई जाएगी।
जिप्सम में सूक्ष्म गंधक एवं कैल्शियम भरपूर होता है जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। इसके उपयोग से मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणों में सुधार होता। फसलों के उत्पादन एवं गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी होती है। भूमि का पीएच मान संतुलित रहता है।
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दरअसल, गंधक की कमी से फसलों की नई पत्तियां पीली पड़ जाती है, जो बाद में सफेद हो जाती हैं। तने छोटे, पीले एवं कमजोर पड़ जाते हैं। पौधों की बढ़वार रुक जाती हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। इस समस्या से निपटने को खेतों में जिप्सम का उपयोग करना चाहिए।
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कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत किसान जिप्सम पर अनुदान ले सकते हैं। एक किसान को तीन क्विंटल अथवा अधिकतम दो हेक्टेयर तक के लिए जिप्सम ले सकेंगे। किसानों को अपना 25 प्रतिशत पैसा डिजिटल माध्यम से चुकाना होगा। पाॅस मशीन से जिप्सम का वितरण होगा। किसानों को जिप्सम की खरीद पर हाथों-हाथ अनुदान मिलेगा। यानी कीमत का 25 प्रतिशत पैसा ही देना पड़ेगा। शासन में विशेष सचिव कृषि टीके शिब्बू ने विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया कि जिप्सम की आपूर्ति ब्लाक स्तर पर राजकीय बीज भंडारों पर कराई जाएगी।
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जिप्सम में सूक्ष्म गंधक एवं कैल्शियम भरपूर होता है जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। इसके उपयोग से मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणों में सुधार होता। फसलों के उत्पादन एवं गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी होती है। भूमि का पीएच मान संतुलित रहता है।
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दरअसल, गंधक की कमी से फसलों की नई पत्तियां पीली पड़ जाती है, जो बाद में सफेद हो जाती हैं। तने छोटे, पीले एवं कमजोर पड़ जाते हैं। पौधों की बढ़वार रुक जाती हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। इस समस्या से निपटने को खेतों में जिप्सम का उपयोग करना चाहिए।