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गुरु शिष्य परंपरा का आलौकिक पर्व गुरु पूर्णिमा:सिद्धगुरु
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नीलकंठ आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर विशेष आयोजन
बिनौली। जिवाना गुलियान के नीलकंठ आश्रम में शुक्रवार को गुरु पूजा पर्व का आयोजन हुआ। जिसमें विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर गुरु आशीष प्राप्त किया।
इस अवसर पर आश्रम के पीठाधीश सिद्धगुरु महाराज ने श्रद्धालुओं को उपदेश दिए। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा पौराणिक आध्यात्मिक पर्व है। पौराणिक काल से ही शिष्य अपने गुरु का पूजन करता है। ये गुरु शिष्य परंपरा का आलौकिक पर्व है। जिस तरह से चंद्रमा पूनम के समय अपनी पूर्ण आभा में होता है। उसी तरह सद्गुरु गुरु पूर्णिमा के समय अपने पूर्ण तेज व शक्तियों से प्रकटय रहता है। शिष्य अपने गुरु का पूजन करता है, कृपा और आशीर्वाद मांगता है। गुरु शिष्य के अंत:करण में आनंद को भर देता है। वह कृपा करके आत्मज्ञान व आत्मशक्ति देकर विश्व कल्याण के लिए उसके जीवन को सर्वोपरि बनाता है। इस अवसर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान आदि प्रांतों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। सिद्धगुरु महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीष प्रदान किया।
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बिनौली। जिवाना गुलियान के नीलकंठ आश्रम में शुक्रवार को गुरु पूजा पर्व का आयोजन हुआ। जिसमें विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर गुरु आशीष प्राप्त किया।
इस अवसर पर आश्रम के पीठाधीश सिद्धगुरु महाराज ने श्रद्धालुओं को उपदेश दिए। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा पौराणिक आध्यात्मिक पर्व है। पौराणिक काल से ही शिष्य अपने गुरु का पूजन करता है। ये गुरु शिष्य परंपरा का आलौकिक पर्व है। जिस तरह से चंद्रमा पूनम के समय अपनी पूर्ण आभा में होता है। उसी तरह सद्गुरु गुरु पूर्णिमा के समय अपने पूर्ण तेज व शक्तियों से प्रकटय रहता है। शिष्य अपने गुरु का पूजन करता है, कृपा और आशीर्वाद मांगता है। गुरु शिष्य के अंत:करण में आनंद को भर देता है। वह कृपा करके आत्मज्ञान व आत्मशक्ति देकर विश्व कल्याण के लिए उसके जीवन को सर्वोपरि बनाता है। इस अवसर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान आदि प्रांतों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। सिद्धगुरु महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीष प्रदान किया।
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