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समाज और जीवन को बदलने में शिक्षकों की बड़ी भूमिका
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बड़ौत। शिक्षक अपनी प्रतिभा की वजह से विद्यार्थियों की पहली पसंद होते हैं। विद्यार्थियों का मानना है कि उनके पास ज्ञान का अपार भंडार होता है। इसलिए समाज और जीवन को बदलने में शिक्षकों की बड़ी भूमिका होती है।
छात्र सुदामा कहना है कि शिक्षक वह पुंज है जो अज्ञान के तमस को मिटाकर जीवन में ज्ञान की ज्योति प्रज्ज्वलित करता है। वह समंदर हैं जिसके पास ज्ञानरूपी अमृत का अथाह जल है। जिसका कभी क्षय मुमकिन नहीं है।
छात्र आकाश का कहना है कि शिक्षक को समाज में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ पद पर रखकर उसकी बुद्धिमता का सम्मान किया है। हमारे वेद-ग्रंथों में शिक्षक को साक्षात ब्रह्मा, विष्णु व महेश की संज्ञा दी गई है। छात्र पराग का कहना है कि शिक्षक समाज की धुरी है जिसके मार्गदर्शन में देश का निर्माण करने वाला भविष्य सुशिक्षित व प्रशिक्षित होता है।
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बहुत जरूरी है शिक्षक की प्रेरणा
शिक्षक की प्रेरणा और ज्ञान से पत्थर पारस बने हैं। शिक्षक केवल किताबी शिक्षा ही नहीं देता अपितु जिंदगी जीने की कला सिखाने का भी काम करता है। भारत देश सदैव से ही शिक्षकों की खान रहा है। इस देश में बहुत से शिक्षक ऐसे हुए जिन्होंने अपनी शिक्षण कला के माध्यम से नगीने तैयार कर अपना गौरव बढ़ाया है।
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छात्र सुदामा कहना है कि शिक्षक वह पुंज है जो अज्ञान के तमस को मिटाकर जीवन में ज्ञान की ज्योति प्रज्ज्वलित करता है। वह समंदर हैं जिसके पास ज्ञानरूपी अमृत का अथाह जल है। जिसका कभी क्षय मुमकिन नहीं है।
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छात्र आकाश का कहना है कि शिक्षक को समाज में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ पद पर रखकर उसकी बुद्धिमता का सम्मान किया है। हमारे वेद-ग्रंथों में शिक्षक को साक्षात ब्रह्मा, विष्णु व महेश की संज्ञा दी गई है। छात्र पराग का कहना है कि शिक्षक समाज की धुरी है जिसके मार्गदर्शन में देश का निर्माण करने वाला भविष्य सुशिक्षित व प्रशिक्षित होता है।
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बहुत जरूरी है शिक्षक की प्रेरणा
शिक्षक की प्रेरणा और ज्ञान से पत्थर पारस बने हैं। शिक्षक केवल किताबी शिक्षा ही नहीं देता अपितु जिंदगी जीने की कला सिखाने का भी काम करता है। भारत देश सदैव से ही शिक्षकों की खान रहा है। इस देश में बहुत से शिक्षक ऐसे हुए जिन्होंने अपनी शिक्षण कला के माध्यम से नगीने तैयार कर अपना गौरव बढ़ाया है।