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साढ़े 84 हजार गोल्डन कार्ड, सिर्फ चार हुए बीमार
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बागपत। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से प्रत्येक वर्ग प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से प्रभावित हुआ है। संक्रमण ने मई माह कहर बरपाया है। मई में 4453 लोगों में संक्रमण की पुष्टि और 66 लोगों की मौत हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में साढ़े 84 हजार से अधिक गोल्डन कार्ड धारकों में से सिर्फ चार कार्ड धारक ही बीमार हुए हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत जिले के चार लाभार्थियों ने ही कोविड़ अस्पताल में उपचार कराया है। जिले में अब तक 26 हजार 155 परिवारों के 84 हजार सात सौ 39 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने गरीबों के उपचार के लिए 2018 में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया था। इसके अंतर्गत पात्रों को पांच लाख तक के निशुल्क उपचार की सुविधा है। शासन स्तर से जिले में 45 हजार 23 परिवारों का दो लाख 25 हजार एक सौ 15 कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 26 हजार एक सौ 55 परिवारों के 84 हजार सात सौ 39 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिले में मात्र चार आयुष्मान कार्ड धारक ही ऐसे मिले हैं, जिन्होंने कोविड अस्पताल में उपचार कराया है। उधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोरोना का उपचार निशुल्क होने के कारण लोगों ने आयुष्मान कार्ड से उपचार नहीं लिया है।
चार लोगों पर खर्च हुए एक लाख
आयुष्मान योजना के आईटी प्रबंधक अभिषेक राणा ने बताया कि योजना अंतर्गत चार गोल्डन कार्ड धारकों ने ही खेकड़ा के कोविड़ अस्पताल में उपचार कराया है। इन लोगों के उपचार में लगभग एक लाख रुपये खर्च हुआ है।
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वर्जन
कोरोना संक्रमितों को मिला मुफ्त उपचार
अधिकतर मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हुए हैं। कोरोना संक्रमितों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिलती है। संभवत: पात्रों ने आयुष्मान योजना का लाभ लिए बगैर उपचार करा लिया होगा।-नोडल अधिकारी डॉ. यशवीर सिंह
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प्रधानमंत्री ने गरीबों के उपचार के लिए 2018 में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया था। इसके अंतर्गत पात्रों को पांच लाख तक के निशुल्क उपचार की सुविधा है। शासन स्तर से जिले में 45 हजार 23 परिवारों का दो लाख 25 हजार एक सौ 15 कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 26 हजार एक सौ 55 परिवारों के 84 हजार सात सौ 39 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिले में मात्र चार आयुष्मान कार्ड धारक ही ऐसे मिले हैं, जिन्होंने कोविड अस्पताल में उपचार कराया है। उधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोरोना का उपचार निशुल्क होने के कारण लोगों ने आयुष्मान कार्ड से उपचार नहीं लिया है।
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चार लोगों पर खर्च हुए एक लाख
आयुष्मान योजना के आईटी प्रबंधक अभिषेक राणा ने बताया कि योजना अंतर्गत चार गोल्डन कार्ड धारकों ने ही खेकड़ा के कोविड़ अस्पताल में उपचार कराया है। इन लोगों के उपचार में लगभग एक लाख रुपये खर्च हुआ है।
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कोरोना संक्रमितों को मिला मुफ्त उपचार
अधिकतर मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हुए हैं। कोरोना संक्रमितों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिलती है। संभवत: पात्रों ने आयुष्मान योजना का लाभ लिए बगैर उपचार करा लिया होगा।-नोडल अधिकारी डॉ. यशवीर सिंह