Former Governor Death: गांव हिसावदा की हवेली में पसरा सन्नाटा, सत्यपाल मलिक की यादों में डूबा बागपत
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार दोपहर निधन हो गया। वे बागपत के हिसावदा गांव के निवासी थे और बिहार, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर व मेघालय में राज्यपाल रह चुके थे। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की सूचना पर गांव हिसावदा में पुरानी हवेली में मातम पसर गया।
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हिसावदा गांव में सत्यपाल मलिक की 300 साल पुरानी हवेली आज भी मौजूद है। जहां कभी वे अपने बचपन और किशोरावस्था के दिनों में सीढ़ियों पर बैठकर घंटों गपशप किया करते थे। हालांकि अब उनका परिवार गांव में नहीं रहता, लेकिन उनके कुटुंब के कई सदस्य अभी भी यहीं बसे हुए हैं।
आज वही गलियां खामोश हैं, हवेली के आंगन में दुख का सन्नाटा पसरा है और गांव वाले एक-दूसरे से बस यही कह रहे हैं- हमारे बीच से एक अच्छा नेता चला गया... जिसकी भरपाई अब नहीं हो सकेगी।
बुजुर्ग वीरेंदर सिंह मलिक ने बताया कि हमसे उम्र में करीब छह वर्ष छोटे थे लेकिन सम्मान बहुत करते थे। जब भी गांव में कार्यक्रम हुआ मुझे अवश्य बुलाते और सम्मान करते थे। वह बताते हैं कि सत्यपाल मलिक बचपन मे बड़े शर्मिंले थे, कोई कुछ कहता तो हमसे शिकायत करते थे। वालीवाल खेलने के शौकीन रहे।
फरवरी 2023 मे आखिरी बार गांव आए
परिवार के बुजुर्ग बिजेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक अत्यंत मृदुभाषी थे। परिवार के लोगों का बड़ा सम्मान करते थे। हमारे परिवार के लिए उनका जाना अपूर्णिय क्षति है।
बागपत नगर पालिका के सामने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक व पूर्व विधान परिषद सदस्य जगत सिंह व वरिष्ठ अधिवक्ता देवेन्द्र आर्य अन्य महानुभावों के साथ तस्वीरें लोगों ने एक दूसरे को दिखाते हुए उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।