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धनौरा टीकरी की बहू बनीं खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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धनौरा टीकरी निवासी पूनम
- फोटो : BAGHPAT
शादी के बाद पूनम ने शुरू की थी लोक सेवा की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। उत्तर प्रदेश संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित परीक्षा में धनौरा टीकरी गांव की बहू पूनम ने कामयाबी हासिल की है। पूनम का चयन खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है। दूसरे प्रयास में पूनम ने कामयाबी हासिल की है।
धनौरा टीकरी गांव निवासी मास्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनका बेटा मनदीप सिंह उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की देहरादून शाखा में प्रबंधक हैं। मनदीप का विवाह बुलंदशहर के गुलावठी निवासी पूनम कुमारी के साथ हुआ। दंपती की सात साल की बेटी अश्विका चौधरी हैं। पूनम ने शादी के बाद सिविल सेवा को लक्ष्य बनाकर तैयारी शुरू की। ससुर मास्टर वीरेंद्र सिंह और पति मनदीप सिंह ने उसे प्रोत्साहित किया। पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचकर बाहर हो गई थी, लेकिन दूसरे प्रयास में उसका चयन खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है। इस श्रेणी में पूनम ने प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है।
मास्टर वीरेंद्र सिंह के आवास पर ग्रामीणों ने पहुंचकर खुशी जताई। पूनम का कहना है कि लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने से कामयाबी मिलती है। वह हमेशा पढ़ना चाहती थी और आगे भी पढ़ाई जारी रखेंगी। दसवीं की परीक्षा आर्य कन्या इंटर कॉलेज, गुलावठी और 12वीं की परीक्षा बसंती देवी कन्या इंटर कॉलेज, गुलावठी से की। आरजी पीजी कॉलेज मेरठ से एमएससी रसायन शास्त्र की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। उत्तर प्रदेश संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित परीक्षा में धनौरा टीकरी गांव की बहू पूनम ने कामयाबी हासिल की है। पूनम का चयन खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है। दूसरे प्रयास में पूनम ने कामयाबी हासिल की है।
धनौरा टीकरी गांव निवासी मास्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनका बेटा मनदीप सिंह उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की देहरादून शाखा में प्रबंधक हैं। मनदीप का विवाह बुलंदशहर के गुलावठी निवासी पूनम कुमारी के साथ हुआ। दंपती की सात साल की बेटी अश्विका चौधरी हैं। पूनम ने शादी के बाद सिविल सेवा को लक्ष्य बनाकर तैयारी शुरू की। ससुर मास्टर वीरेंद्र सिंह और पति मनदीप सिंह ने उसे प्रोत्साहित किया। पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचकर बाहर हो गई थी, लेकिन दूसरे प्रयास में उसका चयन खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है। इस श्रेणी में पूनम ने प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है।
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मास्टर वीरेंद्र सिंह के आवास पर ग्रामीणों ने पहुंचकर खुशी जताई। पूनम का कहना है कि लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने से कामयाबी मिलती है। वह हमेशा पढ़ना चाहती थी और आगे भी पढ़ाई जारी रखेंगी। दसवीं की परीक्षा आर्य कन्या इंटर कॉलेज, गुलावठी और 12वीं की परीक्षा बसंती देवी कन्या इंटर कॉलेज, गुलावठी से की। आरजी पीजी कॉलेज मेरठ से एमएससी रसायन शास्त्र की है।
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