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पहले ऑनलाइन पंजीकरण, तभी लगेगा टीका
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बड़ौत। कोरोना का टीका लगवाने के लिए अब पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। 45 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी लोगों को पहले कोविन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। तय तिथि को उपस्थित होने पर टीका लगाया जाएगा। यह नई व्यवस्था 10 मई से सभी टीकाकरण केंद्रों पर लागू होगी। अचानक टीका की मांग बढ़ने और इसकी बर्बादी रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
कोविड टीकाकरण के शुरुआती दौर में पहले ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य था। बाद में टीकाकरण को गति देने के लिए व्यवस्था बदली गई थी। इसके तहत आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र के साथ केंद्र पर पहुंचने के बाद तत्काल पंजीकरण कर टीका लगा दिया जाता था। इस नई व्यवस्था से लोगों को थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन बड़ी मात्रा में टीका बर्बाद होने की शिकायत बढ़ी है। ऐसे में फिर से अग्रिम पंजीकरण की व्यवस्था को शुरू किया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ विजय कुमार ने बताया कि दस मई से शासन ने टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। पंजीकरण के बाद उन्हें मिलने वाली तिथि पर ही टीका लगाया जाएगा। सभी टीकाकरण केंद्रों पर यह निर्देश भेज दिया गया है। जिले में अभी 45 वर्ष आयु वालों को ही टीका लग रहा है।
पहचान पत्र नहीं होने पर भी लगेगा टीका
बड़ौत। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब कोई पहचान पत्र न रखने वालों के भी टीकाकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत ऐसे लोगों को कोविन एप में पंजीकृत किया जाएगा और उनके टीकाकरण के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस श्रेणी में बुजुर्ग, साधु-संत, जेल में बंद कैदी, मानसिक अस्पतालों में भर्ती मरीज, वृद्धाश्रम के लोग, भिखारी, पुनर्वास केंद्रों में रह रहे मरीज शामिल होंगे। ऐसे लोगों को ढूंढने का काम जिले की टास्क फोर्स करेगी। वह अल्पसंख्यक विभाग, सामाजिक न्याय विभाग व समाज कल्याण विभाग के सहयोग से ऐसे लोगों की पहचान कर सकती है। इन लोगों का कोविन एप में पंजीकरण कराया जाएगा जिसमें लाभार्थी का नाम, जन्म का साल और लिंग दर्ज कराया जाएगा। मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की अनिवार्यता नहीं होगी।
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कोविड टीकाकरण के शुरुआती दौर में पहले ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य था। बाद में टीकाकरण को गति देने के लिए व्यवस्था बदली गई थी। इसके तहत आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र के साथ केंद्र पर पहुंचने के बाद तत्काल पंजीकरण कर टीका लगा दिया जाता था। इस नई व्यवस्था से लोगों को थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन बड़ी मात्रा में टीका बर्बाद होने की शिकायत बढ़ी है। ऐसे में फिर से अग्रिम पंजीकरण की व्यवस्था को शुरू किया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ विजय कुमार ने बताया कि दस मई से शासन ने टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। पंजीकरण के बाद उन्हें मिलने वाली तिथि पर ही टीका लगाया जाएगा। सभी टीकाकरण केंद्रों पर यह निर्देश भेज दिया गया है। जिले में अभी 45 वर्ष आयु वालों को ही टीका लग रहा है।
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पहचान पत्र नहीं होने पर भी लगेगा टीका
बड़ौत। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब कोई पहचान पत्र न रखने वालों के भी टीकाकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत ऐसे लोगों को कोविन एप में पंजीकृत किया जाएगा और उनके टीकाकरण के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस श्रेणी में बुजुर्ग, साधु-संत, जेल में बंद कैदी, मानसिक अस्पतालों में भर्ती मरीज, वृद्धाश्रम के लोग, भिखारी, पुनर्वास केंद्रों में रह रहे मरीज शामिल होंगे। ऐसे लोगों को ढूंढने का काम जिले की टास्क फोर्स करेगी। वह अल्पसंख्यक विभाग, सामाजिक न्याय विभाग व समाज कल्याण विभाग के सहयोग से ऐसे लोगों की पहचान कर सकती है। इन लोगों का कोविन एप में पंजीकरण कराया जाएगा जिसमें लाभार्थी का नाम, जन्म का साल और लिंग दर्ज कराया जाएगा। मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की अनिवार्यता नहीं होगी।
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