16 फर्जी मदरसा संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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बागपत के मदरसों के फर्जी संचालन का भंडाफोड़ होने के बाद संचालकों पर कार्रवाई का शुरू हो गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मेरठ और मुजफ्फरनगर के सात आरोपियों के खिलाफ बालैनी, सिंघावली अहीर और बागपत में मुकदमे दर्ज कराए हैं। आरोपियों से 61 लाख रुपये भी वसूल किए जाएंगे।
जिले में फर्जी तरीके से मदरसों के संचालन और कई मदरसों के धरातल पर नहीं होने की शिकायत शासन से की गई थी। 23 अक्तूबर 2015 को इसकी जांच शुरू हुई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हाकिम सिंह ने बताया कि जांच में 16 मदरसों का संचालन फर्जी पाया गया। एक-एक व्यक्ति कई-कई मदरसों का संचालन कर रहा था। आरोपियों के खिलाफ बागपत, सिंघावली अहीर और बालैनी थानों में मुकदमे पंजीकृत कराए गए हैं। मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत बच्चों को छात्रवृत्ति और शिक्षकों को मानदेय दिए जाने का प्रावधान है। आरोपियों ने इसी में गड़बड़ी की।
यह मदरसे निकले फर्जी
मदरसा राशिदा इस्लामिक डौला
मदरसा सीतारुल इस्लाम हजूराबाद गढ़ी
मदरसा हलीम इस्लामिक पाबला
मदरसा रजिया अरबिया उलूम बालैनी
मदरसा ए अर्श बालैनी
मदरसा मोमीन ताल डौलचा
मदरसा मुफीदा अमीननगर सराय
मदरसा सीतारुल एसआरआई मऊ
मदरसा सरिउल इस्लामिक हिसावदा
मदरसा जामिया मिलिया उलूम बरसिया
मदरसा उल उलूम सिंघावली अहीर
मदरसा मोहम्मद अब्दुल कलाम बसौद
मदरसा फला ए आम मीतली
मदरसा हमीदिया उल उलूम टटीरी
मदरसा हुसैनिया रबुल उलूम बागपत
मदरसा रजिया अरबिश आरए लुहारा
इन आरोपियों पर हुई कार्रवाई
फर्जी मदरसा संचालन करने वाले अधिकतर लोग मेरठ के रहने वाले हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हाकिम सिंह ने बताया कि सेवाराम मेरठ, इश्तियाक, उस्मान खान तारापुरी मेरठ, संजीव मेरठ, बाबू खां रिठानी मेरठ, मोहम्मद चांद लोहा मंडी मुजफ्फरनगर और आबाद समेत सात लोगों पर कार्रवाई की गई है। एक-एक व्यक्ति कईं-कईं मदरसों का संचालन कर रहा था।
कैसे बांटा गया अनुदान
जांच में 23 मदरसे शामिल किए गए थे, लेकिन फर्जी 16 निकले। 16 मदरसों को 61 लाख रुपये का अनुदान दिया गया। सवाल यह कि मदरसों को मान्यता नहीं थी तो अनुदान कैसे दिया गया।
मौके पर नहीं पहुंचे थे अफसर
मदरसों में न बच्चे थे और न ही शिक्षक। मान्यता नहीं थी, या फिर एक ही संस्था को कईं-कईं मदरसों की मान्यता दी गई। सवाल यह है कि मदरसों का भौतिक सत्यापन प्रशासन के अधिकारियों ने क्यों नहीं किया। प्रशासन की अनदेखी से शासन को 61 लाख रुपये की चपत लगी है।
अल्पसंख्यक अधिकारी पर होगी कार्रवाई
मदरसों के संचालन और अनुदान की बंदरबांट पर आंखें बंद किए रहे तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देव प्रताप पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। वर्तमान जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हाकिम सिंह ने बताया कि नियमों की अनदेखी कर अनुदान बांटा गया है। भौतिक सत्यापन नहीं किया गया।