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12 गांवों के किसानों को विकास की दरकार
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- ग्रामीणों ने गन्ना आयुक्त से की विकास कराने की मांग
दोघट। जिले के 12 गांवों में सहकारी गन्ना विकास समिति बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर द्वारा विकास कार्य नहीं कराया गया है। इन गांवों से प्रतिवर्ष 50 लाख कुंतल गन्ना बुढ़ाना समिति के माध्यम से मिलों को दिया जाता है। क्षेत्रवासियों ने उप गन्ना आयुक्त से विकास कार्य कराए कराने की मांग की है।
भड़ल के सुखबीर सिंह राणा व निरपुड़ा के मांगेराम राणा ने अपर गन्ना आयुक्त को दिए ज्ञापन में कहा है कि बागपत के भड़ल, निरपुड़ा, तवेलागढ़ी, धनौरा-टीकरी, गैडबरा, बोपुरा, गढ़ी कांगरान, आदमपुर, दाहा, चित्तमखेड़ी, इदरीशपुर, फौलादनगर सहकारी गन्ना विकास समिति बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर में आते हैं। जनपद अलग होने के कारण इन गांवों को जिला योजना से होने वाले विकास कार्यों का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इन 12 गांवों के किसानों लगभग 50 लाख कुंतल गन्ने की सप्लाई हर वर्ष समिति के माध्यम से होती है। गन्ना सहकारी समिति बुढ़ाना के सचिव बृजेश राय का कहना है कि जनपद के जो 12 गांव समिति के पास हैं। उनके विकास शुल्क के नाम पर काटी गई धनराशि समिति में जमा है। समिति की ओर से किसानों को खाद, बीज और कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। शासन अगर बागपत के 12 गांवों का पैसा मुजफ्फरनगर को आवंटित कर दे तो इन गांवों में विकास कार्य करा दिए जाएगें।
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दोघट। जिले के 12 गांवों में सहकारी गन्ना विकास समिति बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर द्वारा विकास कार्य नहीं कराया गया है। इन गांवों से प्रतिवर्ष 50 लाख कुंतल गन्ना बुढ़ाना समिति के माध्यम से मिलों को दिया जाता है। क्षेत्रवासियों ने उप गन्ना आयुक्त से विकास कार्य कराए कराने की मांग की है।
भड़ल के सुखबीर सिंह राणा व निरपुड़ा के मांगेराम राणा ने अपर गन्ना आयुक्त को दिए ज्ञापन में कहा है कि बागपत के भड़ल, निरपुड़ा, तवेलागढ़ी, धनौरा-टीकरी, गैडबरा, बोपुरा, गढ़ी कांगरान, आदमपुर, दाहा, चित्तमखेड़ी, इदरीशपुर, फौलादनगर सहकारी गन्ना विकास समिति बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर में आते हैं। जनपद अलग होने के कारण इन गांवों को जिला योजना से होने वाले विकास कार्यों का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इन 12 गांवों के किसानों लगभग 50 लाख कुंतल गन्ने की सप्लाई हर वर्ष समिति के माध्यम से होती है। गन्ना सहकारी समिति बुढ़ाना के सचिव बृजेश राय का कहना है कि जनपद के जो 12 गांव समिति के पास हैं। उनके विकास शुल्क के नाम पर काटी गई धनराशि समिति में जमा है। समिति की ओर से किसानों को खाद, बीज और कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। शासन अगर बागपत के 12 गांवों का पैसा मुजफ्फरनगर को आवंटित कर दे तो इन गांवों में विकास कार्य करा दिए जाएगें।
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