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गन्ना बकाए का भुगतान न होने से आर्थिक संकट से जूझ रहा किसान
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बागपत। रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत सदस्य चौधरी कपिल गुर्जर ने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई चरम पर है। किसानों के गन्ना बकाया का भुगतान नहीं कराया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि देश का किसान पिछले लगभग 9 महीने से बॉर्डर पर धरना दे रहा है। 700 से ज्यादा किसान अपनी शहादत दे चुके है। सरकार व सरकार के नुमाइंदों के पास अन्नदाता व नागरिकों से वार्ता करने की फुर्सत नहीं है। देश व प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई भ्रष्टाचार चरम पर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहरों के नाम बदलने में मशगूल हैं। प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है।
गन्ना भुगतान को लेकर गंभीर नहीं सरकार
दोघट। चौगामा किसान क्लब के अध्यक्ष देवेंद्र राणा ने कहा गन्ना बकाया का भुगतान न होने के कारण किसान परेशान है। बार-बार मांग करने के बावजूद किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। गन्ना उत्पादन लागत में 157 प्रतिशत की हुई है, जबकि गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया जा रहा है। सरकार गन्ना मूल्य व बकाए का भुगतान कराने के लिए गंभीर नही है। किेसानों का गत वर्ष सीजन का 142 करोड़ अभी भी मिलों पर बकाया है। वर्तमान पेराई सत्र 2020- 21 का 5000 करोड़ बकाया है। संवाद
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समस्याओं को लेकर धरना 28 को
बागपत। रालोद के राष्ट्रीय सचिव सुखबीर सिंह गठीना ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि गन्ने का भुगतान न होने के कारण किसान एक-एक पैसे को मोहताज है। महंगाई बढ़ने से जनता त्रस्त है। मंदिरों में चोरी और डकैती हो रही है। इन समस्याओं को लेकर रालोद कार्यकर्ता 28 अगस्त को तहसील में धरना देंगे।
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उन्होंने कहा कि देश का किसान पिछले लगभग 9 महीने से बॉर्डर पर धरना दे रहा है। 700 से ज्यादा किसान अपनी शहादत दे चुके है। सरकार व सरकार के नुमाइंदों के पास अन्नदाता व नागरिकों से वार्ता करने की फुर्सत नहीं है। देश व प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई भ्रष्टाचार चरम पर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहरों के नाम बदलने में मशगूल हैं। प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है।
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गन्ना भुगतान को लेकर गंभीर नहीं सरकार
दोघट। चौगामा किसान क्लब के अध्यक्ष देवेंद्र राणा ने कहा गन्ना बकाया का भुगतान न होने के कारण किसान परेशान है। बार-बार मांग करने के बावजूद किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। गन्ना उत्पादन लागत में 157 प्रतिशत की हुई है, जबकि गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया जा रहा है। सरकार गन्ना मूल्य व बकाए का भुगतान कराने के लिए गंभीर नही है। किेसानों का गत वर्ष सीजन का 142 करोड़ अभी भी मिलों पर बकाया है। वर्तमान पेराई सत्र 2020- 21 का 5000 करोड़ बकाया है। संवाद
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समस्याओं को लेकर धरना 28 को
बागपत। रालोद के राष्ट्रीय सचिव सुखबीर सिंह गठीना ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि गन्ने का भुगतान न होने के कारण किसान एक-एक पैसे को मोहताज है। महंगाई बढ़ने से जनता त्रस्त है। मंदिरों में चोरी और डकैती हो रही है। इन समस्याओं को लेकर रालोद कार्यकर्ता 28 अगस्त को तहसील में धरना देंगे।