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पदयात्रा पर किसान और प्रशासन आमने-सामने
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बड़ौत (बागपत)। विभिन्न मांगों को लेकर किसान यूनियन की 14 फरवरी को छपरौली से बड़ौत तहसील तक पदयात्रा प्रस्तावित है। मगर, इसे प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। इसका कारण धारा 144 लागू होना बताया जा रहा है। उधर, किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ने भी चेतावनी दे दी है कि अनुमति मिले या ना मिले, पदयात्रा निकाली जाएगी।
किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष चौधरी ब्रजपाल सिंह ने बताया कि बिजली की बढ़ती दरों, पिछले गन्ना सत्र का पूरा भुगतान न होने, बैंकों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड पर एक वर्ष से एक भी दिन अधिक होने पर 12.5 प्रतिशत ब्याज वसूलने, विद्युत निगम द्वारा देरी से बिजली बिल जमा करने पर 24 प्रतिशत ब्याज वसूलने सहित कई मांगों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे है। मगर, अभी तक इन मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया। इसी के चलते 14 फरवरी को छपरौली स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थल से तहसील बड़ौत तक पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है। मगर, प्रशासन उन्हें अनुमति नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन अनुमति दे या ना दें, उनकी पदयात्रा निकाली जाएगी। किसान हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
उधर, तहसीलदार प्रदीप कुमार ने बताया कि धारा 144 लागू होने के कारण अनुमति नहीं दी जा सकती। अनुमति बिना पदयात्रा निकाले जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष चौधरी ब्रजपाल सिंह ने बताया कि बिजली की बढ़ती दरों, पिछले गन्ना सत्र का पूरा भुगतान न होने, बैंकों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड पर एक वर्ष से एक भी दिन अधिक होने पर 12.5 प्रतिशत ब्याज वसूलने, विद्युत निगम द्वारा देरी से बिजली बिल जमा करने पर 24 प्रतिशत ब्याज वसूलने सहित कई मांगों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे है। मगर, अभी तक इन मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया। इसी के चलते 14 फरवरी को छपरौली स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थल से तहसील बड़ौत तक पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है। मगर, प्रशासन उन्हें अनुमति नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन अनुमति दे या ना दें, उनकी पदयात्रा निकाली जाएगी। किसान हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
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उधर, तहसीलदार प्रदीप कुमार ने बताया कि धारा 144 लागू होने के कारण अनुमति नहीं दी जा सकती। अनुमति बिना पदयात्रा निकाले जाने पर कार्रवाई की जाएगी।