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किसान बोले, मिलना चाहिए पर्याप्त इंडेंट
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बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल से जुड़े किसानों का कहना है कि गर्मी के चलते मिल को अधिक इंडेंट देना चाहिए। मगर, मिल अपेक्षा से भी कम इंडेंट जारी कर रही है। मिल इंडेट कम किए जाने के साथ-साथ नियमित रूप से तौल न होने से किसानों के सामने मुश्किल खड़ी हो रही है।
मलकपुर चीनी मिल गेट से मलकपुर, लोयन, बावली, बरवाला, चौबली, जौनमाना, ढिकाना, गूंगाखेड़ी, छछरपुर, आरिफपुर खेड़ी, शेरपुर लुहारा समेत 25 गांव जुडे़ हैं। बावली गांव के किसान सुरेश का कहना है कि किसानों को न तो गेट पर पर्याप्त इंडेंट भेजा जा रहा है और ना ही गन्ना क्रय केंद्र पर। ऐसे में जो किसान गन्ना लेकर मिल पहुंच रहा है, उसे मायूस होकर वहां से लौटना पड़ रहा है। मलकपुर गांव के किसान देवेंद्र, सिनौली गांव के किसान विनोद, ब्रह्मपाल व भोपाल का कहना है कि मिल प्रशासन अपेक्षित पर्चियां नहीं भेज रहा है। सिरसली गांव के प्रधान राजू तोमर का कहना है कि गन्ने का सर्वे कराकर गन्ना आयुक्त के निर्देश पर मिल प्रबंधन ने जो रि-बोडिंग कराई गई थी, उसकी भी पर्चियां नहीं आ रही हैं।
खेत में गन्ना रहने तक चलेगी मिल
चीनी मिल को पर्याप्त इंडेंट जारी करने के निर्देश दिए गए है। किसान के खेत में गन्ना रहने तक चीनी मिल चलेगी और गन्ने की पूरी खरीद करेगी। - अनिल कुमार भारती, डीसीओ।
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मलकपुर चीनी मिल गेट से मलकपुर, लोयन, बावली, बरवाला, चौबली, जौनमाना, ढिकाना, गूंगाखेड़ी, छछरपुर, आरिफपुर खेड़ी, शेरपुर लुहारा समेत 25 गांव जुडे़ हैं। बावली गांव के किसान सुरेश का कहना है कि किसानों को न तो गेट पर पर्याप्त इंडेंट भेजा जा रहा है और ना ही गन्ना क्रय केंद्र पर। ऐसे में जो किसान गन्ना लेकर मिल पहुंच रहा है, उसे मायूस होकर वहां से लौटना पड़ रहा है। मलकपुर गांव के किसान देवेंद्र, सिनौली गांव के किसान विनोद, ब्रह्मपाल व भोपाल का कहना है कि मिल प्रशासन अपेक्षित पर्चियां नहीं भेज रहा है। सिरसली गांव के प्रधान राजू तोमर का कहना है कि गन्ने का सर्वे कराकर गन्ना आयुक्त के निर्देश पर मिल प्रबंधन ने जो रि-बोडिंग कराई गई थी, उसकी भी पर्चियां नहीं आ रही हैं।
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खेत में गन्ना रहने तक चलेगी मिल
चीनी मिल को पर्याप्त इंडेंट जारी करने के निर्देश दिए गए है। किसान के खेत में गन्ना रहने तक चीनी मिल चलेगी और गन्ने की पूरी खरीद करेगी। - अनिल कुमार भारती, डीसीओ।
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