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कृषि कानूनों के विरोध में किसान ने जोत दी गेहूं की फसल
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जिले में फसल की जुताई करने का तीसरा मामला आया सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट (बागपत)। मौजिजाबाद नांगल गांव के एक किसान ने कृषि कानूनों के विरोध में अपनी तीन बीघा गेहूं की फसल ट्रैक्टर रोटावेटर चलाकर नष्ट कर दी। किसान का कहना है कि वह अपने परिवार के लिए खेती करेगा, किसी अड़ानी या अंबानी के लिए नहीं।
कृषि कानून वापसी नहीं होने से नाराज किसान जगह जगह अपनी फसल नष्ट कर रहे हैं। शनिवार को मौजिजाबाद नांगल निवासी किसान सतेंद्र मुखिया ने अपनी तीन बीघा गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर रोटावेटर चलवा दिया। उसका कहना है कि उसने छह बीघा गेहूं की फसल बोई थी। अपने परिवार के खर्च के हिसाब से तीन बीघा फसल रखी, जबकि तीन बीघा नष्ट कर दी। सरकार जबरन कृषि कानून किसानों पर थोप रही है, जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। गन्ने का भाव भी नहीं बढ़ाया है। भुगतान तक नहीं कराया जा रहा है।
बता दें कि कृषि कानून के विरोध में फसल जोतने का जिले में यह तीसरा मामला है। दो दिन पूर्व बामनौली के किसान धर्मपाल ने अपनी चार बीघा गेहूं और बिनौली में किसान संजीव कुमार ने ट्रैक्टर चलाकर दस बीघा सरसों की फसल जोत दी थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट (बागपत)। मौजिजाबाद नांगल गांव के एक किसान ने कृषि कानूनों के विरोध में अपनी तीन बीघा गेहूं की फसल ट्रैक्टर रोटावेटर चलाकर नष्ट कर दी। किसान का कहना है कि वह अपने परिवार के लिए खेती करेगा, किसी अड़ानी या अंबानी के लिए नहीं।
कृषि कानून वापसी नहीं होने से नाराज किसान जगह जगह अपनी फसल नष्ट कर रहे हैं। शनिवार को मौजिजाबाद नांगल निवासी किसान सतेंद्र मुखिया ने अपनी तीन बीघा गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर रोटावेटर चलवा दिया। उसका कहना है कि उसने छह बीघा गेहूं की फसल बोई थी। अपने परिवार के खर्च के हिसाब से तीन बीघा फसल रखी, जबकि तीन बीघा नष्ट कर दी। सरकार जबरन कृषि कानून किसानों पर थोप रही है, जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। गन्ने का भाव भी नहीं बढ़ाया है। भुगतान तक नहीं कराया जा रहा है।
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बता दें कि कृषि कानून के विरोध में फसल जोतने का जिले में यह तीसरा मामला है। दो दिन पूर्व बामनौली के किसान धर्मपाल ने अपनी चार बीघा गेहूं और बिनौली में किसान संजीव कुमार ने ट्रैक्टर चलाकर दस बीघा सरसों की फसल जोत दी थी।
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