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टीका लगवाने के लिए परिजन भी जागरूक और बच्चे भी उत्साहित
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बागपत जिला महिला अस्पताल में वैक्सनी लगवाता किशोर
- फोटो : BAGHPAT
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कुछ परिजन व्यस्त होने के कारण तो कुछ जानकारी के अभाव में नहीं लगवा सके थे बच्चों को टीका
जागरूकता लाने में जुटे लोग तो अब टीकाकरण में तेजी आने की उम्मीद, बच्चे खुद भी सक्रियता दिखा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। परिजन भी अपने बच्चों को कोरोनारोधी टीका लगवाने के लिए उत्साहित है। मगर, कुछ परिजन व्यस्त होने के कारण तो कुछ जानकारी के अभाव में अभी तक बच्चों को टीका नहीं लगवा सके है। अब पूरी तरह स्थिति साफ होने पर ऐसे परिजन भी बच्चों को जल्द टीका लगवाएंगे, जिससे वह कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहे।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 15 से 18 साल उम्र वाले किशोरों को स्कूलों में जाकर टीका लगाया था। अब 12 से 15 साल उम्र वालों का टीकाकरण चल रहा है। मगर, इस बार स्कूलों में परीक्षा होने के कारण टीम टीका नहीं लगा सकी है। इस कारण ही कुछ लोग जानकारी के अभाव में अपने बच्चों को टीका नहीं लगवा सके हैं। उनका मानना था कि बच्चों को टीका केवल स्कूलों में लगाया जाएगा। अब उनको पूरी जानकारी मिल गई है कि वह अस्पताल व किसी भी सीएचसी में जाकर अपने बच्चों को टीका लगवा सकते है। ऐसे में अभिभावक तैयार है और बच्चे भी उत्साहित दिख रहे है।
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टीका लगाने में तेजी की उम्मीद
जनपद में 12 से 15 वर्ष वालों को टीका लगाने का लक्ष्य 55 हजार 197 है। अभी 100 से ज्यादा को टीका लग चुका है। कई दिन से औसतन 20-30 को टीका लग रहा है। रविवार को अवकाश के कारण टीका नहीं लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसको लेकर अभियान चलाने की योजना बनाई है, जिससे टीका लगाने में तेजी आ सके।
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पहले हमारे स्कूल में कोरोना रोधीटीका लगाया गया था। हमें यह जानकारी नहीं थी कि अस्पताल में जाकर भी टीका लगवा सकते है। इसलिए ही इंतजार कर रहे थे कि जब स्कूल में टीका लगाया जाएगा, तभी लगवाएंगे। अब परिजनों के साथ अस्पताल में जाकर टीका लगवाएंगे, क्योंकि मैं इंतजार कर रहा था कि हमें भी टीका लगाया जाए। - नमन चौहान, बड़ौत रोड
हमारे स्कूल में परीक्षा चल रही थी। इस कारण टीका नहीं लगवाया है। स्कूल में पता किया तो वहां बताया कि अभी स्कूल में टीका लगवाने में वक्त लगेगा। इसलिए अस्पताल में जाकर टीका लगवाएंगे, जिससे कोरोना संक्रमण से बचाव हो सके। - काजल, पांडव रोड
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मेरी उम्र 14 साल है और मेरे अभी तक परीक्षा चल रही थी। अब परीक्षा खत्म हो गई है और स्कूल में अगली कक्षा में जाने से पहले ही अस्पताल में जाकर टीका लगवाऊंगी। मैं इंतजार कर रही थी कि हमें भी कब टीका लगाया जाएगा। हम टीका लगवाने को लेकर उत्साहित है। - अस्मिता, कोर्ट रोड
सरकार ने 12-14 वर्ष की उम्र वालों को कोरोनारोधी टीका लगाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद कई दिनों तक काम में व्यस्त थे। अब कुछ राहत मिली है और बच्चों को टीका लगवाएंगे। मैं ही नहीं, बल्कि मोहल्ले के कई लोग अपने बच्चों को साथ लेकर जाएंगे और टीका लगवाएंगे। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका ही सबसे जरूरी है। मुकेश, बड़ा बाजार
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हमारे यहां पहले टीका लगवाने में कुछ लोग रुचि नहीं ले रहे थे। वे बच्चों को भी टीका नहीं लगवा रहे थे। इसके लिए पहले भी जागरूक किया गया था और सभी ने अपने साथ ही बच्चों को टीका लगवाया था। अब भी हम स्वास्थ्य विभाग का टीकाकरण में पूरा सहयोग करेंगे, जिससे कोई भी टीका लगे बिना नहीं रहे। - कुलदीप देव शर्मा, गायत्री पुरम
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जागरूकता लाने में जुटे लोग तो अब टीकाकरण में तेजी आने की उम्मीद, बच्चे खुद भी सक्रियता दिखा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। परिजन भी अपने बच्चों को कोरोनारोधी टीका लगवाने के लिए उत्साहित है। मगर, कुछ परिजन व्यस्त होने के कारण तो कुछ जानकारी के अभाव में अभी तक बच्चों को टीका नहीं लगवा सके है। अब पूरी तरह स्थिति साफ होने पर ऐसे परिजन भी बच्चों को जल्द टीका लगवाएंगे, जिससे वह कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहे।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 15 से 18 साल उम्र वाले किशोरों को स्कूलों में जाकर टीका लगाया था। अब 12 से 15 साल उम्र वालों का टीकाकरण चल रहा है। मगर, इस बार स्कूलों में परीक्षा होने के कारण टीम टीका नहीं लगा सकी है। इस कारण ही कुछ लोग जानकारी के अभाव में अपने बच्चों को टीका नहीं लगवा सके हैं। उनका मानना था कि बच्चों को टीका केवल स्कूलों में लगाया जाएगा। अब उनको पूरी जानकारी मिल गई है कि वह अस्पताल व किसी भी सीएचसी में जाकर अपने बच्चों को टीका लगवा सकते है। ऐसे में अभिभावक तैयार है और बच्चे भी उत्साहित दिख रहे है।
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टीका लगाने में तेजी की उम्मीद
जनपद में 12 से 15 वर्ष वालों को टीका लगाने का लक्ष्य 55 हजार 197 है। अभी 100 से ज्यादा को टीका लग चुका है। कई दिन से औसतन 20-30 को टीका लग रहा है। रविवार को अवकाश के कारण टीका नहीं लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसको लेकर अभियान चलाने की योजना बनाई है, जिससे टीका लगाने में तेजी आ सके।
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पहले हमारे स्कूल में कोरोना रोधीटीका लगाया गया था। हमें यह जानकारी नहीं थी कि अस्पताल में जाकर भी टीका लगवा सकते है। इसलिए ही इंतजार कर रहे थे कि जब स्कूल में टीका लगाया जाएगा, तभी लगवाएंगे। अब परिजनों के साथ अस्पताल में जाकर टीका लगवाएंगे, क्योंकि मैं इंतजार कर रहा था कि हमें भी टीका लगाया जाए। - नमन चौहान, बड़ौत रोड
हमारे स्कूल में परीक्षा चल रही थी। इस कारण टीका नहीं लगवाया है। स्कूल में पता किया तो वहां बताया कि अभी स्कूल में टीका लगवाने में वक्त लगेगा। इसलिए अस्पताल में जाकर टीका लगवाएंगे, जिससे कोरोना संक्रमण से बचाव हो सके। - काजल, पांडव रोड
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मेरी उम्र 14 साल है और मेरे अभी तक परीक्षा चल रही थी। अब परीक्षा खत्म हो गई है और स्कूल में अगली कक्षा में जाने से पहले ही अस्पताल में जाकर टीका लगवाऊंगी। मैं इंतजार कर रही थी कि हमें भी कब टीका लगाया जाएगा। हम टीका लगवाने को लेकर उत्साहित है। - अस्मिता, कोर्ट रोड
सरकार ने 12-14 वर्ष की उम्र वालों को कोरोनारोधी टीका लगाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद कई दिनों तक काम में व्यस्त थे। अब कुछ राहत मिली है और बच्चों को टीका लगवाएंगे। मैं ही नहीं, बल्कि मोहल्ले के कई लोग अपने बच्चों को साथ लेकर जाएंगे और टीका लगवाएंगे। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका ही सबसे जरूरी है। मुकेश, बड़ा बाजार
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हमारे यहां पहले टीका लगवाने में कुछ लोग रुचि नहीं ले रहे थे। वे बच्चों को भी टीका नहीं लगवा रहे थे। इसके लिए पहले भी जागरूक किया गया था और सभी ने अपने साथ ही बच्चों को टीका लगवाया था। अब भी हम स्वास्थ्य विभाग का टीकाकरण में पूरा सहयोग करेंगे, जिससे कोई भी टीका लगे बिना नहीं रहे। - कुलदीप देव शर्मा, गायत्री पुरम