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नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन तस्कर सुखपाल की जमानत अर्जी खारिज
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सुखपाल पंचकूला से भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की तस्करी के मामले में गया था जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की तस्करी के मामले में गिरफ्तार चौथे आरोपी सुखपाल निवासी जीरकपुर, पंजाब की जमानत अर्जी सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी। विवेचक एसआई सुरेंद्र सिंह के मुताबिक सुखपाल हरियाणा के पंचकूला से भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की तस्करी के मामले में जेल गया था।
बागपत कोतवाली पुलिस और एसओजी ने राष्ट्रवंदना चौक पर एक्सयूवी गाड़ी से 19 मई को रेमडेसिविर के 60 इंजेक्शन बरामद किए थे। कार सवार आरोपी मनमोहन और उसके बेटे मुकुंद निवासी गांधी कॉलोनी, मुजफ्फरनगर, बिशन निवासी सलेमपुर चौक रानीपुर हरिद्वार को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से बताया था कि पंजाब के जीरकपुर से सुखपाल चौहान उर्फ एसपी चौहान के जरिए 92 इंजेक्शन खरीदकर मुजफ्फरनगर लाए थे। 32 इंजेक्शन उसके दूसरे बेटे विशाल ने बेच दिए। 60 इंजेक्शन को सप्लाई करने के लिए दिल्ली जा रहे थे। जांच में ये इंजेक्शन नकली पाए गए थे। दो जुलाई को पुलिस ने सुखपाल को भी गिरफ्तार कर लिया था। उसकी जमानत याचिका सेशन कोर्ट से खारिज हो गई है।
विवेचक एसआई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी सुखपाल मूलरूप से शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के मंदिरवाला का रहने वाला है, वर्तमान में जीरकपुर में रहता है। वह पंचकूला से भी रेमडेसिविर की तस्करी के मामले में जेल गया था। इस मुकदमे का पता कर कोर्ट में उसकी जमानत का विरोध किया गया। इसके बाद उसकी अर्जी खारिज हो गई।
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पिता-पुत्र पहुंचे हाईकोर्ट
इस मामले में गिरफ्तार हुए मनमोहन और उसका बेटा मुकुंद जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। अभी उसकी सुनवाई की तिथि नियत नहीं हुई है। अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर आरोपी विशाल भी अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की तस्करी के मामले में गिरफ्तार चौथे आरोपी सुखपाल निवासी जीरकपुर, पंजाब की जमानत अर्जी सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी। विवेचक एसआई सुरेंद्र सिंह के मुताबिक सुखपाल हरियाणा के पंचकूला से भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की तस्करी के मामले में जेल गया था।
बागपत कोतवाली पुलिस और एसओजी ने राष्ट्रवंदना चौक पर एक्सयूवी गाड़ी से 19 मई को रेमडेसिविर के 60 इंजेक्शन बरामद किए थे। कार सवार आरोपी मनमोहन और उसके बेटे मुकुंद निवासी गांधी कॉलोनी, मुजफ्फरनगर, बिशन निवासी सलेमपुर चौक रानीपुर हरिद्वार को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से बताया था कि पंजाब के जीरकपुर से सुखपाल चौहान उर्फ एसपी चौहान के जरिए 92 इंजेक्शन खरीदकर मुजफ्फरनगर लाए थे। 32 इंजेक्शन उसके दूसरे बेटे विशाल ने बेच दिए। 60 इंजेक्शन को सप्लाई करने के लिए दिल्ली जा रहे थे। जांच में ये इंजेक्शन नकली पाए गए थे। दो जुलाई को पुलिस ने सुखपाल को भी गिरफ्तार कर लिया था। उसकी जमानत याचिका सेशन कोर्ट से खारिज हो गई है।
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विवेचक एसआई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी सुखपाल मूलरूप से शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के मंदिरवाला का रहने वाला है, वर्तमान में जीरकपुर में रहता है। वह पंचकूला से भी रेमडेसिविर की तस्करी के मामले में जेल गया था। इस मुकदमे का पता कर कोर्ट में उसकी जमानत का विरोध किया गया। इसके बाद उसकी अर्जी खारिज हो गई।
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पिता-पुत्र पहुंचे हाईकोर्ट
इस मामले में गिरफ्तार हुए मनमोहन और उसका बेटा मुकुंद जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। अभी उसकी सुनवाई की तिथि नियत नहीं हुई है। अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर आरोपी विशाल भी अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गया है।