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Baghpat News: बेसिक पर जताया भरोसा, वित्तविहीन शिक्षकों को किया दरकिनार
Fri, 03 Feb 2023 09:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Fri, 03 Feb 2023 09:22 AM IST
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बागपत। यूपी बोर्ड परीक्षा में परीक्षकों की तैनाती में विभाग ने अपने शिक्षकों के बजाय बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों पर विश्वास जताया है। परीक्षा में वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों के बजाय बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक नियुक्त किया है।
जिले में 142 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 71 असहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय, 19 राजकीय विद्यालय और 52 वित्तविहीन विद्यालय हैं। विभाग की ओर से बोर्ड परीक्षा की सभी तैयारी पूरी कर ली है। परीक्षा शांतिपूर्ण कराने के लिए जिले में 1552 कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए हैं। इनमें 1113 शिक्षक अशासकीय सहायता प्राप्त ओर राजकीय विद्यालयों से जबकि 439 शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग से नियुक्त किए हैं।
बोर्ड परीक्षा में एक भी वित्तविहीन विद्यालय के शिक्षक को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में नहीं लगाया है। विभाग ने अपने विद्यालयों के शिक्षकों से अधिक बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों पर अधिक भरोसा जताया है।
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वर्जन
- बोर्ड परीक्षा में अशासकीय सहायता प्राप्त, राजकीय विद्यालय और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाती है। शिक्षकों की कमी होने पर ही वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक नियुक्त करने का प्रावधान है। शिक्षकों की कमी न होने के कारण वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक नहीं बनाया है। - अंतरिक्ष कुमार, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक
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जिले में 142 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 71 असहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय, 19 राजकीय विद्यालय और 52 वित्तविहीन विद्यालय हैं। विभाग की ओर से बोर्ड परीक्षा की सभी तैयारी पूरी कर ली है। परीक्षा शांतिपूर्ण कराने के लिए जिले में 1552 कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए हैं। इनमें 1113 शिक्षक अशासकीय सहायता प्राप्त ओर राजकीय विद्यालयों से जबकि 439 शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग से नियुक्त किए हैं।
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बोर्ड परीक्षा में एक भी वित्तविहीन विद्यालय के शिक्षक को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में नहीं लगाया है। विभाग ने अपने विद्यालयों के शिक्षकों से अधिक बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों पर अधिक भरोसा जताया है।
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वर्जन
- बोर्ड परीक्षा में अशासकीय सहायता प्राप्त, राजकीय विद्यालय और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाती है। शिक्षकों की कमी होने पर ही वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक नियुक्त करने का प्रावधान है। शिक्षकों की कमी न होने के कारण वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक नहीं बनाया है। - अंतरिक्ष कुमार, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक