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गन्ने का भुगतान न देने पर आक्रोश जताया
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बड़ौत (बागपत)। नंगला गांव के किसानों ने गन्ना समिति मलकपुर में सचिव को ज्ञापन देकर गन्ने का भुगतान न दिए जाने पर आक्रोश जताया। साथ ही भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
नंगला गांव के किसान गन्ना समिति मलकपुर में पहुंचे। वहां उन्होंने सचिव को दिए ज्ञापन में कहा प्रदेश में गन्ना एक्ट के 14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान का प्रावधान होने के बाद भी एक वर्ष होने के बाद भी मिल द्वारा भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे प्रतीत हो रहा है कि गन्ना एक्ट का लगातार उल्लधंन चल रहा है। गन्ना लेने में किसानों का पूरा शोषण किया जा रहा है। 2016 में मिल की तरफ अगेती एवं उन्नतशील प्रजाति को 88 की बुआई के लिए अभियान चलाया, लेकिन अब 2020 में इस प्रजाति की जो पेड़ी है उसकी पर्चियां नहीं दी जा रही है। पांच दिसंबर को इस संबंध में एक आवेदन पत्र जिलाधिकारी को भी दिया। उन्होंने पेड़ी गन्ना के खरीद के आदेश दिए। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में गन्ना पर्यवेक्षक ने सर्वे किया और खेतों पर जाकर गन्ने की प्रजाति की जांच की और हमें आश्वासन दिया कि पूरे गन्ने की पर्ची कलेंडर में लगा दी जाएगी, लेकिन मिल का छठा सप्ताह चल रहा है अभी तक हमें कोजा 88 सामान्य की पर्चियां नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा यदि इन समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इसमें ओम सिंह, श्रीपाल, नरेंद्र कुमार, कर्ण सिंह, सुक्रम पाल, भोपाल सिंह, अजब सिंह, भानु प्रताप, आनंद पाल, सहदेव, सत्यवती, सुधीर, राजकुमार, मनीष, यशपाल, हरीश कुमार, आशीष, चरण सिंह, संजीव कुमार, राजवीर, सुखबीर आदि रहे।
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नंगला गांव के किसान गन्ना समिति मलकपुर में पहुंचे। वहां उन्होंने सचिव को दिए ज्ञापन में कहा प्रदेश में गन्ना एक्ट के 14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान का प्रावधान होने के बाद भी एक वर्ष होने के बाद भी मिल द्वारा भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे प्रतीत हो रहा है कि गन्ना एक्ट का लगातार उल्लधंन चल रहा है। गन्ना लेने में किसानों का पूरा शोषण किया जा रहा है। 2016 में मिल की तरफ अगेती एवं उन्नतशील प्रजाति को 88 की बुआई के लिए अभियान चलाया, लेकिन अब 2020 में इस प्रजाति की जो पेड़ी है उसकी पर्चियां नहीं दी जा रही है। पांच दिसंबर को इस संबंध में एक आवेदन पत्र जिलाधिकारी को भी दिया। उन्होंने पेड़ी गन्ना के खरीद के आदेश दिए। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में गन्ना पर्यवेक्षक ने सर्वे किया और खेतों पर जाकर गन्ने की प्रजाति की जांच की और हमें आश्वासन दिया कि पूरे गन्ने की पर्ची कलेंडर में लगा दी जाएगी, लेकिन मिल का छठा सप्ताह चल रहा है अभी तक हमें कोजा 88 सामान्य की पर्चियां नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा यदि इन समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इसमें ओम सिंह, श्रीपाल, नरेंद्र कुमार, कर्ण सिंह, सुक्रम पाल, भोपाल सिंह, अजब सिंह, भानु प्रताप, आनंद पाल, सहदेव, सत्यवती, सुधीर, राजकुमार, मनीष, यशपाल, हरीश कुमार, आशीष, चरण सिंह, संजीव कुमार, राजवीर, सुखबीर आदि रहे।
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