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Exclusive: बुजुर्गों-विधवाओं के लिए भी खत्म हुई अफसरों की संवेदना, लाभार्थियों को काटने पड़ रहे चक्कर

Tue, 11 Jun 2024 11:17 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 11 Jun 2024 11:17 AM IST
सार

समाज कल्याण और महिला कल्याण विभाग में केवाईसी बंद करा दी गई है, पांच हजार बुजुर्गों और 2200 विधवाओं के बैंक खातों में पेंशन नहीं भेजी गई। वहीं लाभार्थियों को अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

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Exclusive: Officials have lost their sympathy for the elderly and widows, beneficiaries are in trouble
पेंशन के लिए चक्कर काट रहे बुजुर्ग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिंदगी के आखिरी पड़ाव में परेशानियों से न जूझना पड़े तो सरकार ने वृद्धा अवस्था पेंशन के रूप में मदद की। ऐसे ही सिंदूर उजड़ने पर महिलाओं की मदद के लिए भी विधवा पेंशन के सहारे सरकार से कुछ राहत मिल रही है। मगर यहां इन बुजुर्गों व विधवा महिलाओं के प्रति अफसरों की संवेदना खत्म हो गई है और अपने कार्यालयों में उनकी केवाईसी बंद करा दी। जिससे उनको भटकना पड़ रहा है। 

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जिले में केवाईसी नहीं होने के कारण करीब पांच हजार बुजुर्गों और करीब 2200 विधवाओं के बैंक खातों में पेंशन नहीं भेजी गई। जिनकी केवाईसी नहीं हो सकी, वह पेंशन के बारे में जानकारी करने समाज कल्याण विभाग और महिला कल्याण विभाग में आते थे तो उनकी वहां केवाईसी कर दीजाती थी लेकिन अब वहां आने वाले पेंशनधारकों को केवाईसी के लिए जनसेवा केंद्रों पर भेजा जा रहा है। जहां उनको रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं तो उनकी केवाईसीभी नहीं हो रही है और उनको भटकना पड़ रहा है।

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वहीं, जन सेवा केंद्रों पर जाकर केवाईसी कराने के लिए लाभार्थी को आधार कार्ड में लिंक मोबाइल नंबर बताना होता है। उसके बाद ही केवाईसी होती है और वह नंबर नहीं मिलने पर केवाईसी नहीं होती है। इसके अलावा वहां उनसे सौ से दो सौ रुपये तक लिए जाते हैं।

 जबकि विभाग में केवाईसी करने पर अधिकारी का डोंगल इस्तेमाल किया जाता है और लाभार्थी का कोई भी नंबर फीड करने पर केवाईसी हो जाती है।

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विकास भवन में ही रोने लगे बुजुर्ग 
सिसाना गांव का बुजुर्ग सेवाराम सोमवार को अपनी पेंशन की जानकारी करने के लिए विकास भवन में समाज कल्याण विभाग में पहुंचा। जहां उसने अपनी पेंशन दिखवाई, लेकिन खाते में पेंशन नहीं आई। बुजुर्ग सेवाराम ने बताया कि पिछले दो साल से पेंशन के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसके खाते में पेंशन नहीं भेजी गई। अपनी समस्या बताते हुए बुजुर्ग सेवाराम फूट फूटकर रोने लगा। बुजुर्ग सोवाराम ने कर्मचारियों पर अभद्रता तक करने का आरोप लगाया। 

केवाईसी नहीं होने पर अटकी विधवा की पेंशन
महिला कल्याण विभाग में पहुंचे दोघट के रोहित ने बताया कि वह अपनी चाची की पेंशन दिखवाने के लिए आया था। पिछले छह-सात महीने से उसकी चाची के खाते में पेंशन नहीं भेजी गई। कुछ समय पहले खाते की केवाईसी कराने के लिए कहा गया था, लेकिन जनसेवा केंंद्र पर कई बार जाने के बाद भी केवाईसी नहीं हो पाई। अब विभाग में केवाईसी कराने के लिए आया था, लेकिन केवाईसी नहीं की गई।

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बार बार बोलते हैं, आ जाएगी पेंशन
एक साल से अधिक समय बीत गया है, लेकिन मेरे खाते में पेंशन नहीं आई। पेंशन के लिए कई बार विकास भवन में आ चुकी हूं। जहां अधिकारी जल्द ही खाते में पेंशन आने की बात कहकर भेज देते हैं। अब तो किराया भी पड़ोसियों से मांगकर विकास भवन आना पड़ रहा है। -जन्नती, ईदरीशपुर

सात महीने से नहीं आई पेंशन
पिछले सात महीने से विधवा पेंशन मेरे खाते में नहीं   भेजी गई। अब विकास भवन आई तो कर्मचारी ने खाते में केवाईसी कराने और गड़बड़ी दूर कराने की जानकारी दी। पेंशन नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -संतोष, बिजरौल

विकास भवन में आने वाले पेंशन लाभार्थियों की केवाईसी कराकर लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके लिए पंचायतघरों और ब्लाॅकों पर केवाईसी कराई जा रही है। विकास भवन में आने वाले लाभार्थियों की भी केवाईसी नहीं करने के बारे में संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा - नीरज कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ

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