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Exclusive: ओटीएस योजना की छूट से 250 से अधिक अन्नदाता बाहर, गलत बिल फिडिंग हाेना बनी वजह

Tue, 12 Dec 2023 12:00 PM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत/बड़ौत
मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत/बड़ौत Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 12 Dec 2023 12:00 PM IST
सार

बागपत जनपद में बिलिंग सिस्टम में गलत बिल फिडिंग हाेने के वजह  से सैकड़ों किसान ओटीएस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं  कर्मचारी भी ऑनलाइन व मैन्युअल बिलों को ठीक नहीं कर रहे हैं।

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Exclusive: More than 250 farmers excluded from OTS scheme exemption due to wrong bill feeding
फसल को पानी देते हुए किसान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भले ही प्रदेश सरकार ने किसानों व आम उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए ओटीएस योजना संचालित कर रखी हो, लेकिन हकीकत इससे परे है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जनपद में 250 से अधिक अन्नदाताओं को लाख कोशिशों के बावजूद ओटीएस योजना की छूट नहीं मिल पाई है। इन उपभोक्ताओं से विभाग ने करोड़ों रुपये जमा करा लिए। ऐसे में अब अन्नदाता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। इसको लेकर उपभोक्ताओं में विभाग की कार्यशैली को लेकर रोष पनपता जा रहा है।

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पिछले 8 नवंबर को प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए ओटीएस योजना शुरू की थी। योजना के तहत सभी घरेलू, वाणिज्यिक, निजी नलकूप, औद्योगिक व निजी संस्थान के बिलों पर ब्याज की 100 प्रतिशत की छूट देने के साथ-साथ बिजली चोरी के केस में भी 65 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान है। ज्यादातर लोग जहां योजना के तहत छूट ले पा रहे हैं। वहीं जनपद में 250 से अधिक ऐसे अन्नदाता हैं, जिन्हें छूट के नाम पर एक फूटी कौड़ी वापस नहीं मिली बल्कि इन उपभोक्ताओं से विभाग ने तकरीबन 3 करोड़ रुपये जमा करा लिए। जिस कारण उक्त उपभोक्ता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। तमाम शिकायतें उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही हैं, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं चल रही।

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बिलिंग सिस्टम में गलत बिल फिंडिग होना बनी वजह 
नाम न छापने की शर्त पर ऊर्जा निगम के ही एक कर्मचारी ने बताया कि जनपद के 250 से अधिक किसानों को ओटीएस योजना का लाभ यानी छूट इसलिए नहीं मिली, क्योंकि उनके बिलों को सिस्टम में गलत फिंडिग किया गया है। लाख कोशिशों के बावजूद इन उपभोक्ताओं के न तो ऑनलाइन बिल ठीक हो पा रहे हैं और न ही मैन्युअल। ऐसे में मजबूरन उक्त किसानों को पूरी धनराशि विभाग में बिना छूट लिए जमा करानी पड़ी।

केस नंबर एक 
हेवा गांव के किसान राजेन्द्र जिनका कनेक्शन नंबर 77172002272 है। उन पर विभाग 4 लाख 11 हजार रुपये बकाया दर्शा रहा है, जबकि उनका वास्तविक बिल तकरीबन 2 लाख है, लेकिन बिलिंग सिस्टम में गलत-गलत फिंडिग होने की वजह से न तो उनका बिल ऑनलाइन ठीक हो पा रहा है और न ही मैन्युअल। यदि कर्मचारी मैन्युअल संसोधित करते हैं तो उसे विभाग के अधिकारी व विभाग का कंप्यूटर स्वीकार नहीं कर रहा है। राजेन्द्र अधिशासी अभियंता प्रथम से लेकर एसई और एमडी तक शिकायत चुका है, लेकिन कोई हल नहीं निकला।

केस नंबर दो 
खेड़ी प्रधान गांव के रतन पुत्र रामचन्द का बिल भी बिलिंग सिस्टम में गलत फीड हो रखा है। उन्हें विभाग ने वर्तमान में 8 लाख 93 हजार रुपये जमा करने के लिए भेजे हैं, जबकि उनका वास्तिक बिल कुछ और है। तमाम कोशिशों के बावजूद रतन का बिल संसोधित नहीं हो रहा हैै।

जब रतन ने विभाग से उक्त बिल पर छूट के बारे में जानकारी जुटाई तो उन्हें 5 लाख 58 हजार की छूट बताई गई। साथ ही 3 लाख 34 हजार जमा करने के लिए कहा गया। ऐसे में जब वे पैसा जमा करने के लिए एक्सईएन प्रथम कार्यालय पर पहुंचे तो छूट के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान उनका कनेक्शन हॉल्ड होना दर्शाया गया। यानी न ताे उन्हें छूट मिल पा रही है और न ही उनका बिल ठीक हो रहा है। ये तो मात्र दो उदाहरण हैं। जनपद में सैकड़ों अन्नदाता छूट से महरूम हैं और विभाग लगातार उन पर दवाब बनाकर उनसे पैसा जमा करा रहा है।

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समाधान न होने पर जल्द शुरू होगा आंदोलन 
पहले से ही अन्नदाता बकाया गन्ना भुगतान की समस्या से परेशान है, ऊपर से ऊर्जा निगम किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। सरकार भी किसान विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। यदि इन किसानों की समस्या का जल्द हल नहीं निकाला गया तो गांव-गांव पंचायतें व बैठक कर उग्र आंदोलन शुरू किया जााएगा। - राजेन्द्र प्रधान प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू

कुछ किसान कार्यालय पर शिकायत लेकर आए थे, जिनकी शिकायतों का निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया गया था। मामले की जांच की जा रही है। अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं से लाभांवित किए जाने का प्रयास है। -केपी खान एसई बागपत।

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