ऊर्जा निगम और परिवहन को लगा झटका
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बडे़ नोटों के बंद होने के बाद ऊर्जा निगम के एमडी अभिषेक ने सभी विद्युत अफसरों को विद्युत बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं से बड़ा नोट लेने से मना करने के निर्देश दे डाले। इतना ही नहीं विद्युत बिल जमा करने के लिए बिजलीघरों पर लगाएं काउंटर भी बंद कराए हैं, इस कारण दो दिन में एक्सईएन प्रथम और एक्सईएन द्वितीय कार्यालय में आने वाला करीबन 60 लाख रुपये का राजस्व नहीं आया। उपभोक्ताओं से बड़ा नोट नहीं लिया गया। जेई टाऊन इंद्रपाल ने बताया बड़े नोट बंद होने से विभाग को दो दिन में 60 से 70 लाख का नुकसान हुआ, दूसरी तरफ परिवहन विभाग को भी बड़ा झटका लगा है।
बसों और ट्रेन में चलने वाले जो यात्री 500 व 1000 का नोट लेकर चल रहे थे, उन्हें लेने से इंकार कर दिया । एक दिन तो लोगों ने किसी तरह काट लिया, लेकिन छोटा नोट न होने के कारण लोगों ने भी अपने आपको घरों में बंद कर लिया। बुधवार और बृहस्पतिवार को बसें और ट्रेनें खाली ही दौड़ती रही। वहीं स्टेशन प्रभारी बड़ौत डिपो अजय सक्सेना ने भी कहा यात्री घरों से नहीं निकल रहे हैं। दो दिन में अब तक करीबन 20 से 25 लाख का नुकसान हो चुका है। अन्य सरकारी विभागों का भी यहीं हाल रहा।
500 व 1000 का नोट देकर जमा करे बिजली का बिल
बड़ौत। एक्सईएन प्रथम अजय कुमार ने बताया उपभोक्ता शुक्रवार की सुबह से रात्रि आठ बजे तक 500 और 1000 का नोट देकर भी बिल जमा करा सकता है। इसके लिए ऊर्जा निगम के एमडी ने निर्देश दिए है। ग्रामीण आंचल मेें भी उपभोक्ता बिना किसी संकोच के बिल जमा कर सकते हैं, यदि कोई कर्मचारी पैसा लेने से इंकार करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।