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हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के आठ केस मि
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हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान के लिए लगाया गया शिविर
खेकड़ा। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी डे के अवसर पर बुधवार को नगर स्थित पीएचसी पर कैम्प लगाकर गर्भवती महिलाओं की जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक माह की 9 तारीख को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी कैम्प लगाया जाता है। उसी के तहत लगाए गए कैंप में सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर ने स्वास्थ सेवाओं को लेकर निर्देश दिए। कैम्प में 52 मरीजों में 8 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के केस मिले। डा. प्रियंका कंसाना ने बताया कि तेजी से घटते हीमोग्लोबिन और सेहत की अनदेखी के कारण महिलाएं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का शिकार हो रही हैं। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में हीमोग्लोबिन का स्तर 5 से कम रह जाता है, जबकि महिलाओं में 10 से 12 का हीमोग्लोबिन का स्तर होना चाहिए। इस दौरान डा. सुनीता सोनल, डा. साजिया, लक्ष्मी देवी समेत एएनएम और आशा कार्यकत्री भी मौजूद रही।
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खेकड़ा। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी डे के अवसर पर बुधवार को नगर स्थित पीएचसी पर कैम्प लगाकर गर्भवती महिलाओं की जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक माह की 9 तारीख को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी कैम्प लगाया जाता है। उसी के तहत लगाए गए कैंप में सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर ने स्वास्थ सेवाओं को लेकर निर्देश दिए। कैम्प में 52 मरीजों में 8 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के केस मिले। डा. प्रियंका कंसाना ने बताया कि तेजी से घटते हीमोग्लोबिन और सेहत की अनदेखी के कारण महिलाएं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का शिकार हो रही हैं। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में हीमोग्लोबिन का स्तर 5 से कम रह जाता है, जबकि महिलाओं में 10 से 12 का हीमोग्लोबिन का स्तर होना चाहिए। इस दौरान डा. सुनीता सोनल, डा. साजिया, लक्ष्मी देवी समेत एएनएम और आशा कार्यकत्री भी मौजूद रही।