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शिक्षा मित्रों की ललकार
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 17 Sep 2015 12:57 AM IST
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बागपत में शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के कारण आंदोलन उग्र हो गया है। बुधवार को शिक्षामित्रों ने जुलूस निकालकर राष्ट्रवंदना चौक पर मानव श्रृंखला बनाकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने हाईवे पर लेटकर रास्ता जामकर कर दिया। एक महिला शिक्षामित्र के पति ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। शिक्षामित्रों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द करने के आदेश के विरोध में बुधवार को बीआरसी पर शिक्षामित्रों की बैठक हुई। शिक्षामित्रोें ने कहा कि पिछले 14 वर्षों से शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य करा रहे हैं। यूनेस्को के निरीक्षण में भी शिक्षामित्रों के शिक्षण को गुणवत्तापूर्ण बताया गया है।
शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने से परिवार के समक्ष आर्थिक स्थितियां विषम हो गई है। यही वजह है कि शिक्षामित्रों के साथ उनके परिवार के लोग इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं। बैठक के बाद शिक्षामित्र हाथों में तख्तियां लेकर जुलूस के रूप में राष्ट्रवंदना चौक पहुंचे और मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की। जुलूस में शिक्षामित्रों ने अपने हाथों में हमारे अधिकार वापस दो, राष्ट्रपति इच्छा मृत्यु दो। उग्र शिक्षामित्रों ने हाईवे पर लेटकर वाहनों को रोककर दिल्ली सहारनपुर हाईवे एवं मेरठ रोड को जाम कर दिया, जिससे सड़कों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई।
इसी दौरान क्षुब्ध भगवानपुर नांगल में तैनात शिक्षामित्र कविता सिरोही के पतिे धर्मपाल ने गमछे से फांसी लगाने की कोशिश की, जिससे हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शिक्षामित्रों को समझाकर शांत किया। प्रदर्शनकारियों में संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश पंवार, सचिन, जिलामंत्री भरत शर्मा, बिजेंद्र भाटी, राजीव शर्मा, मनोज कुमार, राजकुमार शर्मा शामिल रहे।
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शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द करने के आदेश के विरोध में बुधवार को बीआरसी पर शिक्षामित्रों की बैठक हुई। शिक्षामित्रोें ने कहा कि पिछले 14 वर्षों से शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य करा रहे हैं। यूनेस्को के निरीक्षण में भी शिक्षामित्रों के शिक्षण को गुणवत्तापूर्ण बताया गया है।
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शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने से परिवार के समक्ष आर्थिक स्थितियां विषम हो गई है। यही वजह है कि शिक्षामित्रों के साथ उनके परिवार के लोग इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं। बैठक के बाद शिक्षामित्र हाथों में तख्तियां लेकर जुलूस के रूप में राष्ट्रवंदना चौक पहुंचे और मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की। जुलूस में शिक्षामित्रों ने अपने हाथों में हमारे अधिकार वापस दो, राष्ट्रपति इच्छा मृत्यु दो। उग्र शिक्षामित्रों ने हाईवे पर लेटकर वाहनों को रोककर दिल्ली सहारनपुर हाईवे एवं मेरठ रोड को जाम कर दिया, जिससे सड़कों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई।
इसी दौरान क्षुब्ध भगवानपुर नांगल में तैनात शिक्षामित्र कविता सिरोही के पतिे धर्मपाल ने गमछे से फांसी लगाने की कोशिश की, जिससे हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शिक्षामित्रों को समझाकर शांत किया। प्रदर्शनकारियों में संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश पंवार, सचिन, जिलामंत्री भरत शर्मा, बिजेंद्र भाटी, राजीव शर्मा, मनोज कुमार, राजकुमार शर्मा शामिल रहे।