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पहले रंजिश से रहा बदनाम, अब मेधावी बदल रहे पहचान

Sun, 19 Jun 2022 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2022 11:15 PM IST
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Earlier, it was infamous due to enmity, now the identity of the meritorious is changing
कार्यालय नगर पंचायत टीकरी - फोटो : BAGHPAT
बागपत। रंजिश के कारण बदनाम रहे टीकरी की अब पहचान बदलने लगी है। यह पहचान वहां के मेधावियों के कारण बदल रही है, जो शिक्षा से लेकर खेल, देश सुरक्षा में आगे बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि एक दशक पहले जिस टीकरी में हत्याएं होती रहती थीं, वहां मेधावियों के सम्मान किए जा रहे हैं। जिससे युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलने के साथ उनकी सोच बदल रही हैं।
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टीकरी में चेयरमैन की कुर्सी को लेकर शुरू हुई रंजिश में सबसे पहली हत्या वर्ष 1999 में हुई। कुख्यात सुनील राठी के पिता व तत्कालीन चेयरमैन नरेश राठी की बड़ौत में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद वर्तमान चेयरमैन सोमपाल राठी के भाई व चेयरमैन के लिए प्रत्याशी रहे महक सिंह राठी की हत्या हुई। इस तरह नरेश राठी व महक सिंह राठी के परिवारों में रंजिश चलती रही। इस रंजिश में हत्याएं भी होती रहीं।
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इस रंजिश में करीब 12 हत्याएं टीकरी में र्हुइं। इन हत्याओं के मामलों में दोनों तरफ के 20 से ज्यादा लोगों को उम्रकैद की सजा भी हो चुकी हैं। इस रंजिश से सुनील राठी समेत कई अपराध की दुनिया में चले गए और यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान तक अपराधों में शामिल रहे। इस तरह अपराध से जोड़कर ही टीकरी का नाम लिया जाने लगा।
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आईएएस इशिता से बदली पहचान, खिलाड़ी और फौजी बढ़ा रहे मान
इशिता राठी ने पिछले महीने ही देश की सर्वोच्च परीक्षा सिविल सर्विस आठवां स्थान प्राप्त करके आईएएस बनने की उपलब्धि को टीकरी के साथ जोड़ा है। सचिन राठी ने भारतीय वॉलीबाल टीम में जगह बनाई और वह फौज में रहकर देश सुरक्षा में लगा है। इनके अलावा विजय राठी सेना में भर्ती होकर देश सुरक्षा कर रहे हैं, तो वह वॉलीबाल में दिल्ली की टीम के कप्तान भी रहे हैं। विजय के भाई अजय कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी है, जो खेलो इंडिया, यूनिवर्सिटी गेम्स खेल चुके हैं और वह भी अब सेना में भर्ती होकर वहां से खेलते हैं। हिमांशु राठी एथलीट हैं, जो राष्ट्रीय पदक विजेता हैं। इनके अलावा वहां के नितिन समेत कई यूपी पुलिस में एसआई बने तो मोनू, रिषभ फौज में गए और शुभम, विकास राठी, योगेश आदि युवा भी सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं।
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टीकरी में अब किसी तरह की रंजिश नहीं है और सभी आपसी भाईचारा बनाकर रहते हैं। यहां के युवक-युवतियां अब शिक्षा, खेल, देश सुरक्षा में आगे आकर टीकरी का मान बढ़ा रहे हैं। - योगेंद्र राठी, समाजसेवी टीकरी
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हमारे यहां की बेटी इशिता राठी के आईएएस बनने से टीकरी को अलग पहचान मिली है तो कई युवक सेना में भर्ती हुए हैं। खेलों के सहारे भी युवक आगे बढ़ रहे है और यह टीकरी के लिए अच्छी बात है। - देवेंद्र राठी, स्थानीय निवासी

कोट...
पिछला रिकार्ड देखा है कि टीकरी में पहले रंजिश के कारण काफी हत्याएं हुई थीं। अब वहां किसी तरह की रंजिश नहीं है और वहां के युवा हर क्षेत्र में काफी अच्छा कर रहे हैं। अभी वहां की बेटी इशिता राठी आईएएस बनी हैं, तो वहां के काफी युवा सेना व पुलिस में भर्ती हुए हैं। युवाओं को इस तरह ही केवल आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य तय करके मेहनत करनी चाहिए। - नीरज कुमार जादौन, एसपी

इशिता राठी

इशिता राठी- फोटो : BAGHPAT

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