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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: लोगों के स्वास्थ्य की ढाल बनी स्वास्थ्य सखियां निढाल

Tue, 18 Oct 2022 12:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो मुकेश कुमार, अमर उजाला, बागपत
मुकेश कुमार, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 18 Oct 2022 12:18 AM IST
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Due to non-receipt of honorarium, the health companions get discouraged
नेहा - फोटो : BARAUT
बड़ौत। लोगों के स्वास्थ्य की ढाल बनीं गांवों में तैनात स्वास्थ्य सखियां निढाल हैं। उन्हें बीते एक साल से मानदेय के नाम पर फूटी-कौड़ी नहीं मिली है। आलम यह है कि सरकार द्वारा गभर्वती व धात्री महिलाओं समेत बच्चों के लिए संचालित योजनाएं लड़खड़ा गई हैं। इसके बावजूद अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके मद्देनजर आए दिन नई-नई योजनाएं और उन्हें सही ढंग से क्रियान्वित करने के लिए एएनएम, आशाएं, स्वयं सहायता समूह के अतिरिक्त स्वास्थ्य सखियों की नियुक्त की गई है। किसी भी गांव के दस स्वयं सहायता समूह पर एक स्वास्थ्य सखी तैनात की गई। जिससे वह स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के अतिरिक्त कार्यक्रम व बैठकों में गांवों की गर्भवती व धात्री महिलाओं समेत किशोरियाें व बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक कर सकें।
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रिकार्ड के अनुसार जनपद के 244 गांवों में 180 स्वास्थ्य सखी तैनात हैं। उन्हें मानदेय के नाम पर मात्र दो हजार रुपये मिलते हैं। उन्हें बीते एक साल से मानदेय नहीं मिल रहा है।
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सरकारी योजनाओं पर भी असर
एक साल से मानदेय नहीं मिलने से स्वास्थ्य सखी परेशान हैं। उनका काम में मन नहीं है। जिससे सरकार द्वारा गांवों में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

घर चलाना भी हो रहा मुश्किल
बावली गांव की स्वास्थ्य सखी रूबी का कहना है कि मानदेय के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। मानदेय महज दो हजार रुपये है। एक साल से वे भी नहीं मिल रहे हैं। इससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।

बच्चों की जमा नहीं हुई फीस
बिजरौल गांव की स्वास्थ्य सखी नेहा का कहना है कि मानदेय न मिलने से न तो बच्चों की फीस जमा हुई है और न ही घर का खर्च चल पा रहा है।

उधारी से चल रहा काम
बिजरौल की स्वास्थ्य सखी रूपल का कहना है कि मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। घर का सदस्य बीमार पड़ जाता है तो उधार रुपये लेकर इलाज कराना पड़ता है।


ये बोले डीसी
एनआरएलएम के डीसी ब्रजभूषण सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य सखी का मानदेय जल्द दिलाएंगे। इस संबंध में शासन को स्वास्थ्य सखियाें के खाते में मानदेय भेजने का प्रस्ताव भेजा गया है।

रूबी

रूबी- फोटो : BARAUT

 

रूपल

रूपल- फोटो : BARAUT

 

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