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दान देने वालों के नहीं होते भंडार खाली : चंद्रमति
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फोटो नंबर 29केएआर 1
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में शनिवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओें ने भगवान की नित्य नियम पूजा की। इसके बाद अभिषेक, शांतिधारा और मंड़प की शुद्धि करके विधान शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की पूजा की। धर्मसभा में आर्यिका चंद्रमति माता ने प्रवचन देते हुए कहा कि भगवान के अनेक नाम हैं। कोई उन्हें दाता कहता है तो कोई वरदाता और विधाता कहता है। भगवान सभी के भंडार भरते हैं। दान देने वालों के कभी भंडार खाली नहीं होते। सभी को नियमित रूप से भगवान की भक्ति करनी चाहिए। इस मौके पर त्रिलोकचंद जैन, श्यामलाल जैन, मोहित जैन, अभिषेक जैन, दीपक जैन, मनोज जैन, प्रवीन जैन, विकास जैन मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में शनिवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओें ने भगवान की नित्य नियम पूजा की। इसके बाद अभिषेक, शांतिधारा और मंड़प की शुद्धि करके विधान शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की पूजा की। धर्मसभा में आर्यिका चंद्रमति माता ने प्रवचन देते हुए कहा कि भगवान के अनेक नाम हैं। कोई उन्हें दाता कहता है तो कोई वरदाता और विधाता कहता है। भगवान सभी के भंडार भरते हैं। दान देने वालों के कभी भंडार खाली नहीं होते। सभी को नियमित रूप से भगवान की भक्ति करनी चाहिए। इस मौके पर त्रिलोकचंद जैन, श्यामलाल जैन, मोहित जैन, अभिषेक जैन, दीपक जैन, मनोज जैन, प्रवीन जैन, विकास जैन मौजूद रहे।