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चिकित्सक ने किया पोस्टमार्टम करने से इंकार, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 14 Dec 2017 01:16 AM IST
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जिला अस्पताल में पुलिस और चिकित्सक को खरी खोटी सुनाते वाजिदपुर गांव व नोएडा के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बड़ौत के बावली गांव में बरामद हुए शव की शिनाख्त गौतमबुद्धनगर निवासी सौरभ के रूप में हुई है। चार दिसंबर से वह लापता था। वाजिदपुर में मृतक की ननिहाल है। डॉक्टरों पर पोस्टमार्टम में देरी करने और पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाकर परिजनों ने मोर्चरी पर हंगामा किया। डॉक्टरों से नोकझोंक भी हुई। प्रभारी सीएमएस ने प्रकरण की जांच कराने का भरोसा दिलाया तब ग्रामीण शांत हुए।
मंगलवार की रात में बावली गांव में बरामद हुए शव की शिनाख्त नोएडा के सेक्टर-46 निवासी सौरभ स्वामी (18) पुत्र अशोक स्वामी के रूप में की गई। वाजिदपुर गांव में सौरभ की ननिहाल है। उसके मामा दीपक और राजीव ने बताया कि सौरभ चार दिसंबर से लापता चल रहा था। बावली गांव के सिंडिकेट बैंक के पास से एक दिन पूर्व फोन किया था।
बताया कि पुलिस उसके पीछे है और मारपीट कर रखी है। जब गांव से युवक वहां पहुंचे तो भांजा उन्हें मिला । पुलिस को देखते ही वहां से भाग गया। फिर उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद बावली गांव से शव बरामद हुआ।
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बुधवार को 12 बजे तक डॉक्टर पोस्टमार्टम के लिए नहीं पहुंचे। जिस डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई उसने पीएम करने से इंकार कर दिया। इस पर हंगामा खड़ा हो गया। डॉक्टरों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
नाराज ग्रामीणों की प्रभारी सीएमएस डॉ. अशोक कुमार लाटियान के साथ नोकझोंक हुई। हंगामा बढ़ता देखकर अन्य डॉक्टर से शव का पोस्टमार्टम कराया। डॉ. अशोक कुमार लाटियान ने आश्वासन दिया कि लापरवाही करने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ओपीडी में ढूंढते रहे डॉक्टरों को
बागपत। ग्रामीण दीपक, बबलू, राजीव, पंकज, संगी, राहुल शर्मा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए वे रात में ही जिला अस्पताल पहुंच गए थे। रात से लेकर सुबह तक वे सभी ओपीडी में डॉक्टरों को तलाशते रहे, लेकिन पोस्टमार्टम करने वाला कोई नहीं मिला।
परेशान होकर उन्हांने सीएमओ और प्रभारी सीएमएस से इसकी शिकायत की। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब उन्होंने हंगामा किया, तब कहीं जाकर डॉक्टर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस से क्यों भाग रहा था युवक
बागपत। सौरभ की हत्या क्यों और किन कारणों से हुई है, ये सवाल सभी के जहन में घूम रहा है। परिजनों का कहना है कि सौरभ ने उन्हें फोन पर जानकारी दी थी पुलिस उसके पीछे लगी है, और उसके साथ मारपीट की जा रही है।
वह किसी तरह भागा तो पुलिस पीछे लगी रही। वहीं परिजनों का यह भी दावा है कि उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। तो सवाल यह उठता है कि युवक पुलिस से क्यों भाग रहा था। पुलिस की जांच पड़ताल पूरी होने के बाद ही इसका खुलासा होगा।
क्रिकेट का खिलाड़ी था सौरभ
बागपत। मृतक के भाई राहुल उर्फ मोंटी ने बताया कि सौरभ पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी था। वह नोएडा की टीम में शामिल रहा और रणजी ट्राफी के लिए भी ट्रायल दिए थे। आईटीआई के साथ-साथ बीए की पढ़ाई कर रहा था।
स्वास्थ्य मंत्री से की डॉक्टरों की शिकायत
बागपत। डॉक्टरों के पोस्टमार्टम में देरी और खुद को अनट्रेंड बताने की शिकायत परिवार के लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से की। इसकी एक मेल मंत्रालय में भेजी। लोगों ने कहा कि जिला अस्पताल के चिकित्सकों की इस हरकत को जनता तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री और सीएम तक पहुंच सकेगी।
बिना जानकारी के लगा दी ड्यूटी
बागपत। पोस्टमार्टम की ड्यूटी पर लगे डॉक्टर दिनेश पांडेय ने अपनी सफाई दी। कहा कि बिना जानकारी उसकी ड्यूटी पोस्टमार्टम के लिए लगाई गई है। सुबह 11 बजे इसकी जानकारी फोन से की। इसलिए पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया था।
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मंगलवार की रात में बावली गांव में बरामद हुए शव की शिनाख्त नोएडा के सेक्टर-46 निवासी सौरभ स्वामी (18) पुत्र अशोक स्वामी के रूप में की गई। वाजिदपुर गांव में सौरभ की ननिहाल है। उसके मामा दीपक और राजीव ने बताया कि सौरभ चार दिसंबर से लापता चल रहा था। बावली गांव के सिंडिकेट बैंक के पास से एक दिन पूर्व फोन किया था।
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बताया कि पुलिस उसके पीछे है और मारपीट कर रखी है। जब गांव से युवक वहां पहुंचे तो भांजा उन्हें मिला । पुलिस को देखते ही वहां से भाग गया। फिर उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद बावली गांव से शव बरामद हुआ।
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बुधवार को 12 बजे तक डॉक्टर पोस्टमार्टम के लिए नहीं पहुंचे। जिस डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई उसने पीएम करने से इंकार कर दिया। इस पर हंगामा खड़ा हो गया। डॉक्टरों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
नाराज ग्रामीणों की प्रभारी सीएमएस डॉ. अशोक कुमार लाटियान के साथ नोकझोंक हुई। हंगामा बढ़ता देखकर अन्य डॉक्टर से शव का पोस्टमार्टम कराया। डॉ. अशोक कुमार लाटियान ने आश्वासन दिया कि लापरवाही करने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ओपीडी में ढूंढते रहे डॉक्टरों को
बागपत। ग्रामीण दीपक, बबलू, राजीव, पंकज, संगी, राहुल शर्मा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए वे रात में ही जिला अस्पताल पहुंच गए थे। रात से लेकर सुबह तक वे सभी ओपीडी में डॉक्टरों को तलाशते रहे, लेकिन पोस्टमार्टम करने वाला कोई नहीं मिला।
परेशान होकर उन्हांने सीएमओ और प्रभारी सीएमएस से इसकी शिकायत की। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब उन्होंने हंगामा किया, तब कहीं जाकर डॉक्टर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस से क्यों भाग रहा था युवक
बागपत। सौरभ की हत्या क्यों और किन कारणों से हुई है, ये सवाल सभी के जहन में घूम रहा है। परिजनों का कहना है कि सौरभ ने उन्हें फोन पर जानकारी दी थी पुलिस उसके पीछे लगी है, और उसके साथ मारपीट की जा रही है।
वह किसी तरह भागा तो पुलिस पीछे लगी रही। वहीं परिजनों का यह भी दावा है कि उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। तो सवाल यह उठता है कि युवक पुलिस से क्यों भाग रहा था। पुलिस की जांच पड़ताल पूरी होने के बाद ही इसका खुलासा होगा।
क्रिकेट का खिलाड़ी था सौरभ
बागपत। मृतक के भाई राहुल उर्फ मोंटी ने बताया कि सौरभ पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी था। वह नोएडा की टीम में शामिल रहा और रणजी ट्राफी के लिए भी ट्रायल दिए थे। आईटीआई के साथ-साथ बीए की पढ़ाई कर रहा था।
स्वास्थ्य मंत्री से की डॉक्टरों की शिकायत
बागपत। डॉक्टरों के पोस्टमार्टम में देरी और खुद को अनट्रेंड बताने की शिकायत परिवार के लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से की। इसकी एक मेल मंत्रालय में भेजी। लोगों ने कहा कि जिला अस्पताल के चिकित्सकों की इस हरकत को जनता तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री और सीएम तक पहुंच सकेगी।
बिना जानकारी के लगा दी ड्यूटी
बागपत। पोस्टमार्टम की ड्यूटी पर लगे डॉक्टर दिनेश पांडेय ने अपनी सफाई दी। कहा कि बिना जानकारी उसकी ड्यूटी पोस्टमार्टम के लिए लगाई गई है। सुबह 11 बजे इसकी जानकारी फोन से की। इसलिए पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया था।