{"_id":"5fce71c08ebc3ecf8c748443","slug":"do-not-let-winter-get-heavy-take-care-of-children-and-the-elderly-baraut-news-mrt5139809100","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्दी पड़ न जाए भारी, बच्चों और बुजुर्गों का रखें ख्याल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्दी पड़ न जाए भारी, बच्चों और बुजुर्गों का रखें ख्याल
विज्ञापन
बड़ौत सीएचसी और इससे जुड़ी पीएचसी में लगातार बढ़ रही दमा, बीपी व हृदय रोगियों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। तेजी से करवट लेता मौसम उम्र दराज लोगों व बच्चों के लिए खतरनाक है। शरीर के तापमान में गिरावट और विटामिन डी की कमी होने से बीमारी हानिकारक हो सकती है। ठंड के शुरू होते ही खून में गाढ़ेपन की वृद्धि होने से हृदय रोगियों को भी जोखिम बढ़ गया है। बड़ौत सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुुमार ने बताया कि सर्दी शुरू होते ही दमा, बीपी व हृदय रोगी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बड़ौत सीएचसी के अंतर्गत चार पीएचसी किशनपुर, बिराल, बिजरौल, बावली व एक अर्बन सेंटर बड़ौत आता है। इनसे लगभग 50 से 60 गांव जुडे़ है। दमा, बीपी व हृदय रोग संबंधी सैकड़ों मरीज आते है। मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
माह कुल मरीज दमा बीपी हृदय
अक्टूबर 350 90 125 135
नवंबर 485 110 140 235
दिसंबर 90 35 30 25
बीपी और शुगर के मरीजों को बढ़ता है खतरा
आस्था नर्सिंग होम के वरिष्ठ चिकित्सक डा अनिल जैन का कहना है कि उम्रदराज लोगों में तनाव और हाइपरटेंशन बढ़ जाता है। सर्दियों के अवसाद से ग्रस्त लोगों को अत्यधिक चीनी तला भुना खाना और सोडियम वाली खाने की चीजों से बचना चाहिए। यह शुगर और बीपी के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है। तापमान कम होने से खून के थक्के जमने की समस्या बढ़ जाती है क्योंकि ब्लड प्लेटलेट्स ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। ठंड की वजह से दिल की धमनियां ज्यादा सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्त व ऑक्सीजन का बहाव दिल की ओर कम हो जाता है। इससे रक्तचाप बढ़ जाता है।
कोलेस्ट्रॉल का रखें ध्यान
बड़ौत। डॉ. मनीष तोमर का कहना है कि ज्यादा कोलेस्ट्रॉल से दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा सीने में हल्की सी भी बेचैनी, पसीने, जबड़े, गर्दन, बाजू व कंधे में दर्द, सांस का टूटना आदि समस्याओं बढ़ जाती है। इसको नजरंदाज न करें। इन लक्षणों के समझ में आते ही डॉक्टर से परामर्श कर इलाज कराएं।
विज्ञापन
क्या न करें
1- सुबह और शाम के समय जब ज्यादा ठंड हो या बादल छाए हों हार्ट के मरीज बाहर न जाएं।
2- सीने पर ठंडी हवा न लगने दें, खासकर सुबह के समय क्योंकि छाती में इससे हार्ट की नाड़ियों या धमनियों के सिंक करने का खतरा रहता है।
3- तड़के या देर रात को खुले में सैर न करें।
क्या करें
1- सर्दियों में हार्ट मरीज धूप निकलने पर ही सैर के लिए जाएं।
2- ठंडे पानी की जगह गुनगुने पानी से ही नहाएं।
3- नहाने के तुरंत बाद घर से बाहर नहीं निकलें।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। तेजी से करवट लेता मौसम उम्र दराज लोगों व बच्चों के लिए खतरनाक है। शरीर के तापमान में गिरावट और विटामिन डी की कमी होने से बीमारी हानिकारक हो सकती है। ठंड के शुरू होते ही खून में गाढ़ेपन की वृद्धि होने से हृदय रोगियों को भी जोखिम बढ़ गया है। बड़ौत सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुुमार ने बताया कि सर्दी शुरू होते ही दमा, बीपी व हृदय रोगी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बड़ौत सीएचसी के अंतर्गत चार पीएचसी किशनपुर, बिराल, बिजरौल, बावली व एक अर्बन सेंटर बड़ौत आता है। इनसे लगभग 50 से 60 गांव जुडे़ है। दमा, बीपी व हृदय रोग संबंधी सैकड़ों मरीज आते है। मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
माह कुल मरीज दमा बीपी हृदय
अक्टूबर 350 90 125 135
नवंबर 485 110 140 235
दिसंबर 90 35 30 25
बीपी और शुगर के मरीजों को बढ़ता है खतरा
आस्था नर्सिंग होम के वरिष्ठ चिकित्सक डा अनिल जैन का कहना है कि उम्रदराज लोगों में तनाव और हाइपरटेंशन बढ़ जाता है। सर्दियों के अवसाद से ग्रस्त लोगों को अत्यधिक चीनी तला भुना खाना और सोडियम वाली खाने की चीजों से बचना चाहिए। यह शुगर और बीपी के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है। तापमान कम होने से खून के थक्के जमने की समस्या बढ़ जाती है क्योंकि ब्लड प्लेटलेट्स ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। ठंड की वजह से दिल की धमनियां ज्यादा सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्त व ऑक्सीजन का बहाव दिल की ओर कम हो जाता है। इससे रक्तचाप बढ़ जाता है।
विज्ञापन
कोलेस्ट्रॉल का रखें ध्यान
बड़ौत। डॉ. मनीष तोमर का कहना है कि ज्यादा कोलेस्ट्रॉल से दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा सीने में हल्की सी भी बेचैनी, पसीने, जबड़े, गर्दन, बाजू व कंधे में दर्द, सांस का टूटना आदि समस्याओं बढ़ जाती है। इसको नजरंदाज न करें। इन लक्षणों के समझ में आते ही डॉक्टर से परामर्श कर इलाज कराएं।
विज्ञापन
क्या न करें
1- सुबह और शाम के समय जब ज्यादा ठंड हो या बादल छाए हों हार्ट के मरीज बाहर न जाएं।
2- सीने पर ठंडी हवा न लगने दें, खासकर सुबह के समय क्योंकि छाती में इससे हार्ट की नाड़ियों या धमनियों के सिंक करने का खतरा रहता है।
3- तड़के या देर रात को खुले में सैर न करें।
क्या करें
1- सर्दियों में हार्ट मरीज धूप निकलने पर ही सैर के लिए जाएं।
2- ठंडे पानी की जगह गुनगुने पानी से ही नहाएं।
3- नहाने के तुरंत बाद घर से बाहर नहीं निकलें।