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जिला मुख्यालय कई गांव तक पहुंच गया, पंचायतों के सहारे शहर का विकास
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बागपत कलक्ट्रेट मुख्यालय
- फोटो : BAGHPAT
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निवाड़ा तक पहुंच गए कलक्ट्रेट, अस्पताल, कचहरी, पुलिस लाइन समेत अन्य सरकारी भवन, सिसाना भी बीच में आया
मेरठ रोड पर शहर से जुड़ गया नया गांव, गांवों में सडक़ निर्माण समेत अन्य कार्य शहर की हालत सुधार रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बीस साल में जिला मुख्यालय बड़ौत रोड पर गांवों तक पहुंच गया है। मेरठ रोड पर शहर व गांव के बीच की दूरी खत्म हो गई है। इसलिए पंचायतों के सहारे शहर का विकास हो रहा है। गांवों में सड़क़ निर्माण समेत कई अन्य कार्य हुए। इसके साथ शहर से सटकर कई स्कूल, होटल, रेस्टोरेंट भी बन गए। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो सकीं तो शॉपिंग मॉल यहां नहीं हैं।
यहां वर्ष 2001 में नगर पालिका क्षेत्र काफी कम था, लेकिन आबादी बढ़ने के साथ ही इसका दायरा भी विस्तृत हुआ। इसी बीच पालिका क्षेत्र से बाहर सिसाना व निवाड़ा गांव के बीच जिला मुख्यालय बन गया। उसके साथ जिला अस्पताल, कचहरी, पुलिस लाइन समेत अन्य सरकारी कार्यालय व आवास बने हैं। औद्योगिक क्षेत्र भी निवाड़ा गांव से सटकर बना है। जिला मुख्यालय निवाड़ा के समीप होने से शहर भी वहां तक पहुंच गया है। मेरठ रोड पर शहर व नया गांव के बीच जगह खाली नहीं है। पॉश कॉलोनियां नया गांव तक सट गई हैं। भले ही सिसाना, निवाड़ा व नया गांव पालिका क्षेत्र में नहीं हैं। हालांकि इन पंचायतों के सहारे शहर का विकास हो रहा है। इन गांवों के शहर से सटे होने के कारण यहां सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, तालाब का सुंदरीकरण, वॉल पेंटिंग समेत अन्य कार्य कराए जाते हैं। जिससे शहर की हालत सुधरती है।
स्कूल, होटल, रेस्टोरेंट शुरू हुए
यहां बीस साल में कई स्कूल बढ़ गए हैं। बड़ौत रोड पर दो, चमरावल रोड व दिल्ली रोड पर एक-एक स्कूल शहर से सटे हैं। इसके अतिरिक्त शहर में बीस साल में दो होटल व छह रेस्टोरेंट शुरू हुए हैं। हालांकि यहां एक भी शॉपिंग मॉल नहीं है। यहां से लोग खरीदारी के लिए सोनीपत, मेरठ व दिल्ली जाते हैं।
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स्वास्थ्य सेवाएं नहीं सुधर सकीं
यहां जिला अस्पताल के साथ चार निजी अस्पताल चार शुरू हो गए हैं। इसके बावजूद बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। गंभीर मरीजों को दिल्ली, मेरठ व सोनीपत ले जाना पड़ता है।
यहां परिवहन व स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हैं। यहां बाजार भी विकसित नहीं हैं। नगर पालिका क्षेत्र के साथ सुविधाएं भी बढ़नी चाहिए। -राजपाल शर्मा, संरक्षक वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति
यहां सुविधाएं बहुत कम गति से बढ़ी हैं। यहां मॉल, शॉपिंग मॉल नहीं हैं तो परिवहन व्यवस्था भी ठीक नहीं है। उद्योग भी नहीं बढ़े हैं। जिस तरह से बाजार में अन्य जगह बदलाव हुआ है, वह यहां नहीं हो सका।-अमित चौहान, शिक्षक
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मेरठ रोड पर शहर से जुड़ गया नया गांव, गांवों में सडक़ निर्माण समेत अन्य कार्य शहर की हालत सुधार रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बीस साल में जिला मुख्यालय बड़ौत रोड पर गांवों तक पहुंच गया है। मेरठ रोड पर शहर व गांव के बीच की दूरी खत्म हो गई है। इसलिए पंचायतों के सहारे शहर का विकास हो रहा है। गांवों में सड़क़ निर्माण समेत कई अन्य कार्य हुए। इसके साथ शहर से सटकर कई स्कूल, होटल, रेस्टोरेंट भी बन गए। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो सकीं तो शॉपिंग मॉल यहां नहीं हैं।
यहां वर्ष 2001 में नगर पालिका क्षेत्र काफी कम था, लेकिन आबादी बढ़ने के साथ ही इसका दायरा भी विस्तृत हुआ। इसी बीच पालिका क्षेत्र से बाहर सिसाना व निवाड़ा गांव के बीच जिला मुख्यालय बन गया। उसके साथ जिला अस्पताल, कचहरी, पुलिस लाइन समेत अन्य सरकारी कार्यालय व आवास बने हैं। औद्योगिक क्षेत्र भी निवाड़ा गांव से सटकर बना है। जिला मुख्यालय निवाड़ा के समीप होने से शहर भी वहां तक पहुंच गया है। मेरठ रोड पर शहर व नया गांव के बीच जगह खाली नहीं है। पॉश कॉलोनियां नया गांव तक सट गई हैं। भले ही सिसाना, निवाड़ा व नया गांव पालिका क्षेत्र में नहीं हैं। हालांकि इन पंचायतों के सहारे शहर का विकास हो रहा है। इन गांवों के शहर से सटे होने के कारण यहां सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, तालाब का सुंदरीकरण, वॉल पेंटिंग समेत अन्य कार्य कराए जाते हैं। जिससे शहर की हालत सुधरती है।
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स्कूल, होटल, रेस्टोरेंट शुरू हुए
यहां बीस साल में कई स्कूल बढ़ गए हैं। बड़ौत रोड पर दो, चमरावल रोड व दिल्ली रोड पर एक-एक स्कूल शहर से सटे हैं। इसके अतिरिक्त शहर में बीस साल में दो होटल व छह रेस्टोरेंट शुरू हुए हैं। हालांकि यहां एक भी शॉपिंग मॉल नहीं है। यहां से लोग खरीदारी के लिए सोनीपत, मेरठ व दिल्ली जाते हैं।
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स्वास्थ्य सेवाएं नहीं सुधर सकीं
यहां जिला अस्पताल के साथ चार निजी अस्पताल चार शुरू हो गए हैं। इसके बावजूद बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। गंभीर मरीजों को दिल्ली, मेरठ व सोनीपत ले जाना पड़ता है।
यहां परिवहन व स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हैं। यहां बाजार भी विकसित नहीं हैं। नगर पालिका क्षेत्र के साथ सुविधाएं भी बढ़नी चाहिए। -राजपाल शर्मा, संरक्षक वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति
यहां सुविधाएं बहुत कम गति से बढ़ी हैं। यहां मॉल, शॉपिंग मॉल नहीं हैं तो परिवहन व्यवस्था भी ठीक नहीं है। उद्योग भी नहीं बढ़े हैं। जिस तरह से बाजार में अन्य जगह बदलाव हुआ है, वह यहां नहीं हो सका।-अमित चौहान, शिक्षक