{"_id":"612bc62b8ebc3e79e46591df","slug":"devotees-offer-120-arghyas-by-offering-prayers-baraut-news-mrt553808666","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर 120 अर्घ्य चढ़ाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर 120 अर्घ्य चढ़ाए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र बरनावा में चल रहे 41 दिवसीय अखंड शांतिनाथ विधान में रविवार को श्रद्धालुओं ने मंत्रोचारण के बीच 120 अर्घ्य चढ़ाए। सभी ने कोरोना महामारी से सुरक्षा की कामना की।
आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य प्रदीप पीयूष शास्त्री के निर्देशन में चल रहे विधान में जैन समाज के लोगों ने भक्तिभाव के साथ विशेष पूजा अर्चना की। प्रदीप पीयूष शास्त्री ने कहा कि आज कोई तन से दुखी है, कोई मन से दुखी है, कोई वचनों से दुखी है, किसी के पास रहने के लिए मकान नहीं है। मकान है तो खाने के लिए भोजन नहीं है। भोजन है तो स्वास्थ्य अनुकूल नही है। इन्हीं सभी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भगवान से प्रार्थना की गई। ऐसी पवित्र भावनाओं के साथ 120 श्रीफल भगवान के चरणों में समर्पित किए गए। विधान में हर्रा, खिवाई, बिनौली, मुलसम, बरनावा, बड़ौत, बुढ़ाना, अमीनगर सराय आदि गांवों के समाज के लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बिनौली। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र बरनावा में चल रहे 41 दिवसीय अखंड शांतिनाथ विधान में रविवार को श्रद्धालुओं ने मंत्रोचारण के बीच 120 अर्घ्य चढ़ाए। सभी ने कोरोना महामारी से सुरक्षा की कामना की।
आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य प्रदीप पीयूष शास्त्री के निर्देशन में चल रहे विधान में जैन समाज के लोगों ने भक्तिभाव के साथ विशेष पूजा अर्चना की। प्रदीप पीयूष शास्त्री ने कहा कि आज कोई तन से दुखी है, कोई मन से दुखी है, कोई वचनों से दुखी है, किसी के पास रहने के लिए मकान नहीं है। मकान है तो खाने के लिए भोजन नहीं है। भोजन है तो स्वास्थ्य अनुकूल नही है। इन्हीं सभी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भगवान से प्रार्थना की गई। ऐसी पवित्र भावनाओं के साथ 120 श्रीफल भगवान के चरणों में समर्पित किए गए। विधान में हर्रा, खिवाई, बिनौली, मुलसम, बरनावा, बड़ौत, बुढ़ाना, अमीनगर सराय आदि गांवों के समाज के लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन