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मदरसे और विद्यालय में उर्दू पढ़ने वाले बच्चों का ब्योरा तलब
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कक्षावार छात्र छात्राओं की संख्या जुटाने में लगा शिक्षा विभाग
शिक्षा निदेशक ने मांगी कुल चार शैक्षिक सत्रों की सूचनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत।
सरकारी स्कूलों और मदरसों में कितने बच्चे एक विषय के रूप में उर्दू पढ़ रहे हैं, यह जानने के लिए शिक्षा विभाग डाटा तैयार करेगा। शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेश विक्रम बहादुर सिंह के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कक्षावार संख्या उपलब्ध कराने का कार्य शुरू कर दिया है। बाद में सूचना को निर्धारित प्रारूप में भरकर प्रदेश के पाठ्य पुस्तक अधिकारी को ई- मेल करना होगा। चार शैक्षिक सत्रों की सूचना मांगी गई है।
शिक्षा निदेशक ने जनपद में संचालित परिषदीय, उच्च माध्यमिक विद्यालयों, राजकीय विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों, समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों एवं सहायता प्राप्त मदरसों में शैक्षिक सत्र 2017-2018, 2018-2019, 2019-2020 व 2020-2021 में कक्षा एक से आठ तक उर्दू माध्यम एवं एक विषय के रूप में उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कक्षावार संख्या जुटाना शुरू कर दिया है। एबीएसए विनोद वर्मा ने बताया विद्यालयों और मदरसों में बच्चे उर्दू विषय पढ़े रहे हैं। इसका विवरण जुटाया जा रहा है। निदेशालय से उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छत्राओं को ब्योरा क्यों मांगा गया है इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन सभी विद्यालयों को ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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शिक्षा निदेशक ने मांगी कुल चार शैक्षिक सत्रों की सूचनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत।
सरकारी स्कूलों और मदरसों में कितने बच्चे एक विषय के रूप में उर्दू पढ़ रहे हैं, यह जानने के लिए शिक्षा विभाग डाटा तैयार करेगा। शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेश विक्रम बहादुर सिंह के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कक्षावार संख्या उपलब्ध कराने का कार्य शुरू कर दिया है। बाद में सूचना को निर्धारित प्रारूप में भरकर प्रदेश के पाठ्य पुस्तक अधिकारी को ई- मेल करना होगा। चार शैक्षिक सत्रों की सूचना मांगी गई है।
शिक्षा निदेशक ने जनपद में संचालित परिषदीय, उच्च माध्यमिक विद्यालयों, राजकीय विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों, समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों एवं सहायता प्राप्त मदरसों में शैक्षिक सत्र 2017-2018, 2018-2019, 2019-2020 व 2020-2021 में कक्षा एक से आठ तक उर्दू माध्यम एवं एक विषय के रूप में उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कक्षावार संख्या जुटाना शुरू कर दिया है। एबीएसए विनोद वर्मा ने बताया विद्यालयों और मदरसों में बच्चे उर्दू विषय पढ़े रहे हैं। इसका विवरण जुटाया जा रहा है। निदेशालय से उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छत्राओं को ब्योरा क्यों मांगा गया है इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन सभी विद्यालयों को ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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