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भड़ल में दो ओर युवकों में डेंगू की पुष्टि, बुखार का प्रकोप जारी
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दोघट (बागपत)। भड़ल में डेंगू व बुखार का प्रकोप जारी है। गांव के दो अन्य युवकों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि काफी ग्रामीण बुखार से पीड़ित है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने गांव में नियमित एंटीलार्वा का छिड़काव कराने और कैंप लगाकर लोगों की जांच कराने की मांग की है।
गांव के सुखबीर सिंह, सत्यवीर सिंह और डॉ. यशपाल का कहना है कि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। दाहा पीएचसी पर चिकित्सक की कमी है और नियमित लैब टैक्नीशियन की तैनाती नहीं होने के कारण लोगों को सही उपचार नहीं मिल रहा है। ग्रामीण प्राइवेट लैब में जांच कराने के लिए विवश है। स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में लोगों को बड़ौत, मेरठ, बुढ़ाना और मुजफ्फरनगर में इलाज कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है। उनका कहना है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित दवा का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने गांव में नियमित एंटीलार्वा का छिड़काव कराने व कैंप लगाकर लोगों की जांच कराने की मांग की है। गांव के शशिकांत उर्फ टिंकू और दीपक में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनके अलावा गांव का विपिन, टीनू, दीपक, लव, सुमन, दीपांशु, रूपा, महक सिंह का दूसरे शहरों के अस्पतालों में डेंगू इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने गांव में नियमित कैंप लगाकर लोगों की जांच कराने व एंटीलार्वा का छिड़काव कराने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भड़ल, दाहा और टीकरी में नियमित कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। गांवों में एंटीलार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। - डॉ. सुरुचि शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी
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गांव के सुखबीर सिंह, सत्यवीर सिंह और डॉ. यशपाल का कहना है कि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। दाहा पीएचसी पर चिकित्सक की कमी है और नियमित लैब टैक्नीशियन की तैनाती नहीं होने के कारण लोगों को सही उपचार नहीं मिल रहा है। ग्रामीण प्राइवेट लैब में जांच कराने के लिए विवश है। स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में लोगों को बड़ौत, मेरठ, बुढ़ाना और मुजफ्फरनगर में इलाज कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है। उनका कहना है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित दवा का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने गांव में नियमित एंटीलार्वा का छिड़काव कराने व कैंप लगाकर लोगों की जांच कराने की मांग की है। गांव के शशिकांत उर्फ टिंकू और दीपक में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनके अलावा गांव का विपिन, टीनू, दीपक, लव, सुमन, दीपांशु, रूपा, महक सिंह का दूसरे शहरों के अस्पतालों में डेंगू इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने गांव में नियमित कैंप लगाकर लोगों की जांच कराने व एंटीलार्वा का छिड़काव कराने की मांग की है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से भड़ल, दाहा और टीकरी में नियमित कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। गांवों में एंटीलार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। - डॉ. सुरुचि शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी
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