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भड़ल, दाहा और धनौरा में सबसे ज्यादा डेंगू व बुखार का कहर
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बागपत। बिनौली ब्लॉक के तीन गांव में बुखार और डेंगू का कहर सबसे ज्यादा दिख रहा है। जिले में अब तक 16 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है, इनमें से 11 मरीज बिनौली ब्लॉक में मिले हैं। इन गांवों में बुखार के कारण एक महिला सहित छह लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक लार्वा दाहा और भड़ल गांव में मिल रहा है।
बिनौली ब्लॉक के दाहा, भड़ल और धनौरा में डेंगू और बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। 16 में से 11 डेंगू के मरीज इन गांवों में मिले है। इनके अलावा सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित है। इनमें सबसे अधिक दाहा गांव में सात और भड़ल और धनौरा में दो-दो मरीजों में डेंगू के मरीज मिले है। दाहा की पीएचसी पर नियमित एलटी नहीं होने के कारण भी लोगों को जांच कराने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुखार से दाहा गांव में एक महिला सहित चार और भड़ल में दो लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार और डेंगू का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीण भयभीत है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीनों गांवों में कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रही है और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सबसे अधिक लार्वा दाहा और भड़ल में मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर बीमार लोगों का सर्वे कर रही है और बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच करा रही है।
संक्रमितों का अन्य जनपदों में चल रहा इलाज
दाहा गांव के यतेंद्र राणा और भड़ल गांव के सहेंद्र का कहना है कि तीनों गांवों के सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित है। मरीजों का बड़ौत के अलावा, बुढ़ाना, मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। गांवों में लगातार बुखार के मरीज मिलने से ग्रामीण भयभीत है। ग्रामीणों का कहना है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव होने के कारण ग्रामीणों को प्राइवेट लैब में जांच और इलाज कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
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जिले में मिले 16 में से 11 डेंगू के मरीज दाहा, भड़ल और धनौरा में मिले है। सबसे अधिक लार्वा दाहा और भड़ल में मिल रहा है। गांवों में कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई जा रही है और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। - डॉ. सुरूचि शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी
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बिनौली ब्लॉक के दाहा, भड़ल और धनौरा में डेंगू और बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। 16 में से 11 डेंगू के मरीज इन गांवों में मिले है। इनके अलावा सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित है। इनमें सबसे अधिक दाहा गांव में सात और भड़ल और धनौरा में दो-दो मरीजों में डेंगू के मरीज मिले है। दाहा की पीएचसी पर नियमित एलटी नहीं होने के कारण भी लोगों को जांच कराने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुखार से दाहा गांव में एक महिला सहित चार और भड़ल में दो लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार और डेंगू का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीण भयभीत है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीनों गांवों में कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रही है और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सबसे अधिक लार्वा दाहा और भड़ल में मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर बीमार लोगों का सर्वे कर रही है और बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच करा रही है।
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संक्रमितों का अन्य जनपदों में चल रहा इलाज
दाहा गांव के यतेंद्र राणा और भड़ल गांव के सहेंद्र का कहना है कि तीनों गांवों के सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित है। मरीजों का बड़ौत के अलावा, बुढ़ाना, मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। गांवों में लगातार बुखार के मरीज मिलने से ग्रामीण भयभीत है। ग्रामीणों का कहना है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव होने के कारण ग्रामीणों को प्राइवेट लैब में जांच और इलाज कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
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जिले में मिले 16 में से 11 डेंगू के मरीज दाहा, भड़ल और धनौरा में मिले है। सबसे अधिक लार्वा दाहा और भड़ल में मिल रहा है। गांवों में कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई जा रही है और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। - डॉ. सुरूचि शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी