{"_id":"60997a918ebc3ecd8c08a414","slug":"demand-to-open-temporary-kovid-hospital-baraut-news-mrt5377105126","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद व विधायक को पत्र लिखकर गांव में अस्थायी कोविड अस्पताल खुलवाएं जाने की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद व विधायक को पत्र लिखकर गांव में अस्थायी कोविड अस्पताल खुलवाएं जाने की मांग की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अस्थायी कोविड अस्पताल खुलवाने की मांग
बड़ौत। नगर एवं देहात क्षेत्र में बुखार, जुकाम व खांसी के मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। कई ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। लूंब निवासी सामाजिक कार्यकर्ता ने सांसद व विधायक को पत्र भेजकर क्षेत्र के गांवों में अस्थायी कोविड अस्पताल खुलवाए जाने की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता मनीष लाकड़ा ने सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह व विधायक सहेंद्र रमाला को पत्र भेजे। इसमें बताया कि क्षेत्र के अधिकतर गांवों में हर घर में कोई न कोई कोरोना के प्रारंभिक लक्षण बुखार व खांसी आदि से पीड़ित हैं। जिनको परिवार के अन्य सदस्यों से दूर रखकर उपचार कराने की जरूरत है। यह घर पर रहकर संभव नहीं हो पा रहा है। इसीलिए किसी भी निजी या सरकारी स्कूल में अस्थायी अस्पताल बनाया जाए। वहां स्वास्थ्य विभाग की ग्रामीण स्तर की इकाई स्थापित की जाए। जिससे महामारी को हराया जा सके। उन्होंने बताया कि पिछली लहर में भी उन्होंने खुद युवाओं की टीम बनाकर स्वास्थ्य टीम के साथ सकारात्मक कार्य किया था। यदि प्रशासन सहयोग करें तो वह इस बार भी टीम के साथ महामारी की जंग में साथ देंगे। संवाद
विज्ञापन
बड़ौत। नगर एवं देहात क्षेत्र में बुखार, जुकाम व खांसी के मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। कई ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। लूंब निवासी सामाजिक कार्यकर्ता ने सांसद व विधायक को पत्र भेजकर क्षेत्र के गांवों में अस्थायी कोविड अस्पताल खुलवाए जाने की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता मनीष लाकड़ा ने सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह व विधायक सहेंद्र रमाला को पत्र भेजे। इसमें बताया कि क्षेत्र के अधिकतर गांवों में हर घर में कोई न कोई कोरोना के प्रारंभिक लक्षण बुखार व खांसी आदि से पीड़ित हैं। जिनको परिवार के अन्य सदस्यों से दूर रखकर उपचार कराने की जरूरत है। यह घर पर रहकर संभव नहीं हो पा रहा है। इसीलिए किसी भी निजी या सरकारी स्कूल में अस्थायी अस्पताल बनाया जाए। वहां स्वास्थ्य विभाग की ग्रामीण स्तर की इकाई स्थापित की जाए। जिससे महामारी को हराया जा सके। उन्होंने बताया कि पिछली लहर में भी उन्होंने खुद युवाओं की टीम बनाकर स्वास्थ्य टीम के साथ सकारात्मक कार्य किया था। यदि प्रशासन सहयोग करें तो वह इस बार भी टीम के साथ महामारी की जंग में साथ देंगे। संवाद
विज्ञापन