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मातृभूमि, मातृभाषा, मातृ संस्कृति की रक्षा करेंगी बेटियां- रवि शास्त्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के तत्वावधान में चल रहे आर्य वीरांगना योग एवं चरित्र निर्माण शिविर के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को शिक्षिका सुमेधा आर्या ने बेटियों को पीटी, सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार, जूडो कराटे, लाठी, भाला ,डम्बल ,लेजियम, योगासन, प्राणायाम एवं तलवार का अभ्यास कराया।
आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के अधिष्ठाता रवि शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कहा जो लोग विद्वान, धर्मात्मा, सज्जनों के साथ मिलकर यज्ञ आदि उत्तम कर्म करते हैं वे दुखों, दुर्गुणों और दुर्व्यसनों से बचे रहते हैं तथा सुख की प्राप्ति करते हैं। उन्होंने बताया कि अच्छे व्यक्तियों को पुरस्कार एवं बुरे व्यक्तियों का तिरस्कार करने की आवश्यकता समाज को है। जिससे लोग उत्साहित होकर अच्छे कार्यों में लगे रहें। उन्होंने बेटियों से आह्वान किया कि मातृभूमि, मातृभाषा एवं मातृ संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेकर उत्साह के साथ जीवन में आगे बढ़ें। जिससे कि राष्ट्र की रक्षा हो सके तथा मजबूत राष्ट्र की स्थापना हो। हमारी बेटियां निर्भीक, चरित्रवान, स्वाभिमानी बनें। यही शिविर का उद्देश्य है। यहां प्रधानाचार्य रामपाल सिंह, आचार्य धर्मवीर आर्य, धर्मपाल त्यागी, कपिल आर्य, विजय सिंह राठी, सृष्टि आर्या, स्वाति आर्या, धर्मेंद्र आर्य, रितेश, अक्षय तोमर आदि उपस्थित रहे।
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बड़ौत। चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के तत्वावधान में चल रहे आर्य वीरांगना योग एवं चरित्र निर्माण शिविर के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को शिक्षिका सुमेधा आर्या ने बेटियों को पीटी, सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार, जूडो कराटे, लाठी, भाला ,डम्बल ,लेजियम, योगासन, प्राणायाम एवं तलवार का अभ्यास कराया।
आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के अधिष्ठाता रवि शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कहा जो लोग विद्वान, धर्मात्मा, सज्जनों के साथ मिलकर यज्ञ आदि उत्तम कर्म करते हैं वे दुखों, दुर्गुणों और दुर्व्यसनों से बचे रहते हैं तथा सुख की प्राप्ति करते हैं। उन्होंने बताया कि अच्छे व्यक्तियों को पुरस्कार एवं बुरे व्यक्तियों का तिरस्कार करने की आवश्यकता समाज को है। जिससे लोग उत्साहित होकर अच्छे कार्यों में लगे रहें। उन्होंने बेटियों से आह्वान किया कि मातृभूमि, मातृभाषा एवं मातृ संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेकर उत्साह के साथ जीवन में आगे बढ़ें। जिससे कि राष्ट्र की रक्षा हो सके तथा मजबूत राष्ट्र की स्थापना हो। हमारी बेटियां निर्भीक, चरित्रवान, स्वाभिमानी बनें। यही शिविर का उद्देश्य है। यहां प्रधानाचार्य रामपाल सिंह, आचार्य धर्मवीर आर्य, धर्मपाल त्यागी, कपिल आर्य, विजय सिंह राठी, सृष्टि आर्या, स्वाति आर्या, धर्मेंद्र आर्य, रितेश, अक्षय तोमर आदि उपस्थित रहे।
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