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Baghpat News: थाने के सामने कार की टक्कर से साइकिल सवार की मौत
Sat, 31 Aug 2024 04:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 31 Aug 2024 04:25 AM IST
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बागपत, बालैनी। मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर बालैनी थाने के सामने कार की टक्कर लगने से सोमपाल (61) की मौत हो गई। जबकि टक्कर मारने के बाद चालक कार लेकर भाग गया।
अमीपुर बालैनी के रहने वाले बबलू ने बताया कि शुक्रवार रात उसके पिता सोमपाल बस अड्डे से सामान लेकर साइकिल से घर लौट रहे थे। जैसे ही ही थाने के सामने पहुंचे तो बागपत की तरफ से आ रही कार ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उसके पिता सोमपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें राहगीरों ने निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां से मेरठ ले जाते समय हिंडन पुल पर मजदूर की मौत हो गई। उधर, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
- संवेदना हुई तार-तार, दस हजार जमा कराकर भेजा घायल
बबलू ने आरोप लगाया कि जिस समय उसके पिता को कार ने टक्कर मारी, उस समय थाने के बाहर कई पुलिसकर्मी घूम रहे थे। पुलिसकर्मियों ने घायल को उठाकर अस्पताल पहुंचाना और कार को पकड़ना भी मुनासिब नहीं समझा। तभी वहां से गुजर रहे राहगीरों ने उसके घायल पिता को उठाकर निजी अस्पताल पहुंचाया। निजी अस्पताल में रुपये जमा करने के लिए कहा गया तो उन्होंने सुबह जमा करने की बात कहीं। एक घंटे बाद दस हजार रुपये जमा कराकर उसके घायल पिता को अस्पताल से बाहर भेजा गया। जिसकी हिंडन पुल पर ही मौत हो गई।
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अमीपुर बालैनी के रहने वाले बबलू ने बताया कि शुक्रवार रात उसके पिता सोमपाल बस अड्डे से सामान लेकर साइकिल से घर लौट रहे थे। जैसे ही ही थाने के सामने पहुंचे तो बागपत की तरफ से आ रही कार ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उसके पिता सोमपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें राहगीरों ने निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां से मेरठ ले जाते समय हिंडन पुल पर मजदूर की मौत हो गई। उधर, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
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- संवेदना हुई तार-तार, दस हजार जमा कराकर भेजा घायल
बबलू ने आरोप लगाया कि जिस समय उसके पिता को कार ने टक्कर मारी, उस समय थाने के बाहर कई पुलिसकर्मी घूम रहे थे। पुलिसकर्मियों ने घायल को उठाकर अस्पताल पहुंचाना और कार को पकड़ना भी मुनासिब नहीं समझा। तभी वहां से गुजर रहे राहगीरों ने उसके घायल पिता को उठाकर निजी अस्पताल पहुंचाया। निजी अस्पताल में रुपये जमा करने के लिए कहा गया तो उन्होंने सुबह जमा करने की बात कहीं। एक घंटे बाद दस हजार रुपये जमा कराकर उसके घायल पिता को अस्पताल से बाहर भेजा गया। जिसकी हिंडन पुल पर ही मौत हो गई।
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