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Baghpat News: श्रद्धालुओं ने मंडल पर 512 अर्घ्य अर्पित किए
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बड़ौत। नगर के अजितनाथ सभागार में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने मंडल पर 512 अर्घ्य अर्पित किए।
जिनेंद्र भगवान की शांतिधारा करने का सौभाग्य सौधर्म इंद्र राजेश जैन, श्रीपाल और राजकुमार जैन को प्राप्त हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की। विधानाचार्य पंडित सनत कुमार जैन व पंडित विनोद कुमार जैन के निर्देशन में सिद्ध चक्र महामंडल विधान की धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं। विधान के मध्य वकील चंद जैन सहित पांचों दीक्षार्थियों ने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया और उन्हें श्रीफल समर्पित किया।
इस मौके पर जैन संत आर्जव सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य को जीवन के वास्तविक उद्देश्य को जानना चाहिए। आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वैराग्य का अर्थ केवल बाहरी वस्तुओं का त्याग करना नहीं, बल्कि मन के अंदर राग-द्वेष, अहंकार को कम करना है। संसार के सुख क्षणिक हैं, जबकि आत्मकल्याण का मार्ग जीवन को सही उद्देश्य प्रदान करता है। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि बृहस्पतिवार को विश्व शांति महायज्ञ के साथ सिद्ध चक्र महामंडल का समापन होगा।
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जिनेंद्र भगवान की शांतिधारा करने का सौभाग्य सौधर्म इंद्र राजेश जैन, श्रीपाल और राजकुमार जैन को प्राप्त हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की। विधानाचार्य पंडित सनत कुमार जैन व पंडित विनोद कुमार जैन के निर्देशन में सिद्ध चक्र महामंडल विधान की धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं। विधान के मध्य वकील चंद जैन सहित पांचों दीक्षार्थियों ने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया और उन्हें श्रीफल समर्पित किया।
इस मौके पर जैन संत आर्जव सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य को जीवन के वास्तविक उद्देश्य को जानना चाहिए। आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वैराग्य का अर्थ केवल बाहरी वस्तुओं का त्याग करना नहीं, बल्कि मन के अंदर राग-द्वेष, अहंकार को कम करना है। संसार के सुख क्षणिक हैं, जबकि आत्मकल्याण का मार्ग जीवन को सही उद्देश्य प्रदान करता है। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि बृहस्पतिवार को विश्व शांति महायज्ञ के साथ सिद्ध चक्र महामंडल का समापन होगा।
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