{"_id":"610ab24a8ebc3ec332477c8e","slug":"up-news-the-case-of-akshay-death-has-been-revealed-in-baghpat","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ा खुलासा: ऐसे हुई थी अक्षय की मौत, मामले में इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी हुए थे निलंबित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
बड़ा खुलासा: ऐसे हुई थी अक्षय की मौत, मामले में इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी हुए थे निलंबित
Thu, 05 Aug 2021 01:37 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: कपिल kapil
Updated Thu, 05 Aug 2021 01:37 AM IST
सार
बागपत में अक्षय की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। अक्षय की मौत का कारण गला दबना बताया जा रहा है।
विज्ञापन
घटनास्थल पर मौजुद पुलिस व अक्षय का फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala Meerut
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बागपत के रंछाड़ गांव में पुलिस कार्रवाई के बाद संघ कार्यकर्ता के पुत्र अक्षय की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गला दबना बताया है। इस पर बिनौली पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो व अन्य सामग्री जांच के लिए लखनऊ फोरेंसिक लैब भेज दी है। वहां से रिपोर्ट मिलने पर ही मौत की वजह की पुष्टि होगी। उसी आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
बिनौली थाना क्षेत्र के रंछाड़ गांव में बीती 26 जुलाई को आरएसएस के खंड संचालक श्रीनिवास का पुत्र अक्षय गांव में कोरोनारोधी टीका लगवाने गया था। वहां मौजूद सिपाही सलीम व मुरली से उसकी हाथापाई हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने अक्षय को जमकर पीटा। उसके घर दबिश देकर तोड़फोड़ की। इस दौरान महिलाओं समेत कई परिजनों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके कुछ देर बाद अक्षय का शव नलकूप के समीप फंदे पर लटका मिला था। इसकी जानकारी पाकर रालोद नेता गांव पहुंच गए थे। वहीं, पूरी रात गांव में बवाल के हालात रहे। अगले दिन सुबह दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन पर ही शव उठाने दिया था।
विज्ञापन
इस मामले में एसपी ने बिनौली इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय, एसएसआई उधम सिंह तालान, हेड कांस्टेबल सलीम, कांस्टेबल अश्वनी व रिक्रूट कांस्टेबल मुरली को निलंबित कर दिया था। इनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का भी मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अतिरिक्त एसआई हरिश्चंद त्यागी, एसआई मयंक प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल जितेंद्र, कांस्टेबल इलियास, इमरान, दीपक, राहुल व कुलदीप को लाइन हाजिर किया गया था।
विज्ञापन
बिनौली एसओ संजय कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्ट्रैंगुलेशन आया है। अभी जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो व अन्य सामग्री फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ भेजी गई है। वहां से जो रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।