खुलासा: सामने आई बैंक लूट की असली सच्चाई, चुनाव लड़ना चाहता था वारदात का 'मास्टरमाइंड'
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बागपत जिले के सूप गांव में कुख्यात बदमाश जितेंद्र प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। चुनाव में हथियार खरीदने के लिए उसने बैंक लूट की घटना को अंजाम दिया। लूटे गए रुपयों से हथियार खरीदने थे। हथियारों के बल पर चुनाव जीतने की योजना बना रहा है।
रमाला थाना क्षेत्र के सूप गांव निवासी जितेंद्र ने वर्ष 2002 में जुर्म की दुनिया में कदम रखा। दोघट क्षेत्र में हत्या की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद वर्ष 2004 में सूप गांव में एक व्यक्ति की हत्या की। वर्ष 2007 में दोघट थाना क्षेत्र के टीकरी कस्बे में तिहरे हत्याकांड में जितेंद्र अपने पांच साथियों के साथ जेल गया। उस पर लूट, हत्या, चोरी, गैंगस्टर, जानलेवा हमला के 13 मुकदमे दर्ज हैं। वह आठ माह पहले जेल से जमानत पर छूटकर आया। अब गांव में प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। प्रधानी के चुनाव में हथियार खरीदने के लिए बैंक लूट की योजना बनाई। हथियार के बल पर वह चुनाव जीतना चाहता है। एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि प्रधानी चुनाव में हथियार खरीदने के लिए उसने बैंक लूट की घटना को अंजाम दिया।
संजीव उर्फ पकौड़ी पर है एक लाख का इनाम
मेरठ जनपद के सरूरपुर खुर्द गांव निवासी संजीव उर्फ पकौड़ी पर बागपत से 25 हजार और मेरठ जनपद से 75 हजार रुपये का इनाम घोषित है। वह वर्ष 2015 से छपरौली थाना क्षेत्र में हुए हत्या के मामले में फरार चल रहा है। पुलिस उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई। उस पर लूट, हत्या, जानलेवा हमले के आठ मुकदमे दर्ज हैं।
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सूप में प्रधान की हत्या का आरोपी है अरविंद
रमाला थाना क्षेत्र के सूप गांव निवासी अरविंद उर्फ डाबर ने वर्ष 2010 में गांव के प्रधान रनवीर की हत्या की। पुलिस ने अरविंद समेत छह बदमाशों को जेल भेजा। उस पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2018 में ऋषिपाल निवासी बसी की हत्या करने के लिए हथियारों से लैस होकर आते समय नितिन पुत्र कृष्णपाल निवासी जटवाड़ा जनपद सोनीपत हरियाणा को खेकड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया। उस पर चार मुकदमे दर्ज हैं।
डीवीआर बरामद नहीं, आरोपियों को मीडिया से रखा दूर
सिंडिकेट बैंक शाखा तुगाना में हुई 15 लाख की लूट के खुलासे पर सवाल हैं। पुलिस एक लाख के इनामी को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। इसके अलावा पुलिस पकड़े गए दोनों बदमाशों को मीडिया के सामने लाने से बचती रही। पुलिस ने 25 हजार के इनामी रहे जितेंद्र सूप से बरामद चार लाख तीन हजार रुपये दिखाकर लूट का खुलासा कर दिया। पुलिस सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी बरामद नहीं कर सकी। घटना से पहले रैकी करने के आरोपी को भी गुपचुप तरीके से जेल भेजा।
छपरौली पुलिस ने अरविंद को दो बार छोड़ा
छपरौली थाना पुलिस ने बैंक लूट की घटना से पहले रैकी करने वाले बदमाश अरविंद उर्फ डाबर को दो बार थाने से छोड़ दिया। जब तक उसके खिलाफ सबूत मिले तो वह घर छोड़ चुका था। पुलिस अधिकारियों की फटकार के बाद पुलिस ने भागदौड़ करके अरविंद को पकड़ा। यदि पुलिस एक घंटा देर से आती तो वह फरार हो जाता।
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